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मुस्लिम होने की वजह से मॉडल को नहीं मिल रहा घर

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मुंबई में एक बार फिर से जातीय भेदभाव का मामला सामने आया है। 25 वर्षीय महिला मॉडल ने आरोप लगाया कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से मुंबई में फ्लैट नहीं मिल रहा है। जिस फ्लैट में वो रह रही वहां से भी उन्हें जबरन निकाल दिया गया।
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मिस्बाह कादरी नाम की इस महिला के मुताबिक उसने वडाला के सांघवी हाईट्स अपार्टमेंट में 3 बेडरूम का फ्लैट लिया है और उसमें शिफ्ट होने की तैयारी कर रही थी। लेकिन ब्रोकर ने बताया कि जिस अपार्टमेंट में वो रहने जा रही हैं वहां के निवासी किसी मुस्लिम को इसमें रहने की इजाजत नहीं देते हैं।

कादरी पेशे से मॉडल हैं। उन्होंने बताया कि ब्रोकर ने उनसे कहा कि वो एक नो-ऑबजेक्शन सर्टीफिकेट दें जिसमें बाकायदा इस बात का जिक्र हो कि अगर अपार्टमेंट में उनके पड़ोसी जातीय आधार पर उनके साथ कोई भेदभाव करते हैं इसके लिए ब्रोकर या फिर बिल्डर की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
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अपार्टमेंट के सुपरवाइजर ने दी सफाई

मिस्बाह कादरी ने ये भी बताया कि उन्होंने कई ब्रोकर्स से बात की लेकिन उनके मुस्लिम होने की वजह से कोई भी उन्हें घर दिखाने को तैयार नहीं हुआ। अब तक वो जिस फ्लैट में रह रही थी वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया।

कादरी के मुताबिक ये हालात कोई आज का नहीं करीब साढ़े पांच साल उनके साथ ये भेदभाव किया जा रहा है। उनके मुताबिक वो गुजरात से हैं और वहां तो ऐसा होता रहता था लेकिन मुंबई में भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। फिलहाल उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पूरे मामले की शिकायत का फैसला किया है।

वहीं इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद सांघवी हाइट्स के सुपरवाइजर राजेश से जब बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी मामले की जानकारी से इंकार किया है।
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मिस्बाह को मिला जीशान का समर्थन

सांघवी हाइट्स के सुपरवाइजर राजेश ने कहा कि यह आरोप बिल्कुल गलत है कि अपार्टमेंट में मुस्लिमों को किराये पर मकान नहीं दिया जाता है। इस बारे में वो खुद उस ब्रोकर से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि ये विवाद ब्रोकर और उस युवती के बीच का लग रहा है।

हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है जब जाति के आधार पर किसी के साथ ऐसा भेदभाव किया गया है। इससे पहले मुंबई में ही एक और मामला सामने आया था जब एक डायमंड एक्सपोर्ट कंपनी ने एक मुस्लिम युवक जीशान अली को नौकरी देने से इंकार कर दिया था। इसके पीछे कंपनी का कहना था कि वो केवल गैर-मुस्लिमों को ही नौकरी देती थी।

मिस्बाह कादरी के मामले पर जीशान की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि मिस्बाह को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। मेरा उनको पूरा समर्थन है। उन्हें इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
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