आर्थिक सुधारों के चाबुक फटकारने के बाद प्रधानमंत्री ने मंगलवार को ग्रामीण गरीबों पर राहत की फुहारें बरसाने वाली बातें कही। उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि गांवों में रहने वाले गरीबों को रसोई गैस और बिजली में सब्सिडी देने का आवश्यकता है। साथ ही सरकार का लक्ष्य प्रत्येक घर में निर्बाध बिजली पहुंचाने का भी है। प्रधानमंत्री के अनुसार गरीबों को सब्सिडी सीधे न देकर उनके बैंक खातों के माध्यम से (टारगेट सब्सिडी के रूप में) देने की योजना है।
ऊर्जा पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन के मौके पर सिंह ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य देश के हर घर में स्वच्छ रसोई ऊर्जा पहुंचाना है। यह कठिन लक्ष्य है लेकिन असंभव नहीं। हमें इसे प्राथमिकता के आधार पर हासिल करना होगा।’ उन्होंने कहा कि शहरों के अधिकांश घरों में अब एलपीजी इस्तेमाल होती है और हम गांव में भी इसे घर-घर पहुंचाना चाहते हैं। गांव में एलपीजी का नेटवर्क बनाने में कुछ समय लगेगा।
सिंह ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में हर घर में चौबीस घंटे बिजली देने का है। यही नहीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत सरकार सभी छह लाख गांवों में बिजली पहुंचाने को कमर कसे है। हाल के वर्षों में सरकार एक लाख गांवों में बिजली पहुंचा चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं पर चूल्हे की लकड़ी चुनने और ढोने का बोझ कम करने के लिए सरकार उनके रिहायशी इलाकों में कुछ किलोमीटर के दायरे में ही वृक्षारोपण की योजना भी चला रही है।