बसपा सुप्रीमो मायावती ने रिटेल में एफडीआई की कई खामियां गिनाई है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इसमें एक सकारात्मक बात है और वह है राज्यों को इसे लागू करने और नहीं करने का अधिकार दिया जाना। मायावती ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि रिटेल में एफडीआई के कई नुकसान हैं। इससे देश के छोटे व्यापारियों को तगड़ा झटका लगेगा और विदेशी कंपनियों को मुनाफा कूटने का अधिकार मिलेगा। साथ ही एफडीआई महंगाई की आग को और धधकाएगी। वैसे एफडीआई के फैसले में सिर्फ एक बात सकारात्मक है कि इसमें राज्य सरकार को इसे अपने यहां लागू करने या नहीं करने की छूट दी गई है।
एफडीआई पर संसद के वोटिंग के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मायावती ने कहा कि इस मामले में फैसला लेते समय सोचना पड़ेगा कि हमें यूपीए सरकार के खिलाफ वोटिंग कर सांप्रदायिक शक्तियों के साथ खड़ा होना चाहिए या नहीं। मायावती ने यूपीए सरकार को सलाह दी कि वह पहले कांग्रेस शासित राज्यों में एफडीआई के असर का अध्ययन करें और फिर संसदीय समिति में चर्चा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय ले। मायावती ने कहा कि वह बिना इसका असर देखे समर्थन नहीं कर सकतीं। प्रमोशन में आरक्षण के मसले पर भी मायावती सोमवार को नरम रहीं। उन्होंने एफडीआई पर समर्थन देने की एवज में प्रमोशन में आरक्षण विधेयक पर कोई शर्त नहीं रखी है।