कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष के पद पर ताजपोशी को लेकर भले ही विवाद तेज हो मगर कांग्रेस की किसान रैली में इसे दूर रखने की पूरी कोशिश की गई।
हालांकि राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की लंबे समय से वकालत करने वाले दिग्विजय सिंह यहां भी नहीं चूके। उन्होंने कहा, ‘राहुल जी पूरा देश आपसे उम्मीद करता है। आपको नेतृत्व देना है। ये लड़ाई लड़नी है।’
वहीं बाकी शीर्ष नेताओं ने सोनिया और राहुल दोनों का गुणगान किया। किसी एक को तवज्जो देने की कोशिश नहीं की।
सोनिया-राहुल के नेतृत्व में आगे बढ़ने की कही बात
रैली में राहुल विरोधी कैंप के नेताओं मसलन, शीला दीक्षित, अहमद पटेल, अमरिंदर सिंह, अंबिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी का मंच पर मौजूद नहीं रहना चर्चा का विषय बना रहा।
शीर्ष नेताओं ने अपने भाषण में सोनिया और राहुल दोनों के नेतृत्व का खास ध्यान रखा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी को किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए धन्यवाद किया।
वहीं ज्यादातर नेताओं ने राहुल गांधी को अब इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनका साथ देने का भरोसा दिया। सभी नेताओं ने यह कहने की कोशिश की कि इस आंदोलन को सोनिया और राहुल दोनों के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा।
मंच से राहुल विरोधी कैंप के लोग रहे दूर
दिग्विजय सिंह ने जरूर राहुल के नेतृत्व में आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा, ‘आपने चुनौती को स्वीकारा। हम आपके आभारी हैं।’ मंच पर राहुल विरोधी कैंप के लोगों की गैर मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।
पंजाब के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा को बोलने का मौका मिला। मगर उनके विरोधी और राहुल को अध्यक्ष बनाने पर ऐतराज जताने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह मंच से नीचे ही बैठे रहे।
शीला दीक्षित भी मुख्य मंच से दूर रहीं जबकि पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर अशोक गहलोत, भूपेंद्र सिंह हुड्डा को रैली में बोलने का मौका दिया गया।