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बर्बाद फसल से लगा सदमा, 4 और किसानों की मौत

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बारिश और आंधी से बर्बाद हुई फसल का सदमा बुलंदशहर में लगातार किसानों की जान ले रहा है।
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शुक्रवार को चार और किसानों ने फसल के नुकसान के सदमे से दम तोड़ दिया। सूचना पर प्रशासनिक अफसर किसानों के गांव में पहुंचे और फसलों की बर्बादी का जायजा लिया। अफसरों ने ग्रामीणों से पूछताछ भी की लेकिन किसी मौत की वजह सदमा नहीं माना।

सदर तहसील क्षेत्र के गांव धमैड़ा कीरत निवासी किसान मुंशी सिंह को नौ बीघा खेत में पूरी तरह से ढही गेहूं की फसल काटने के लिए तीन दिन से कोई मजदूर नहीं मिल रहा था।
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शुक्रवार को भी कुछ मजदूर खेत पर पहुंचे, लेकिन ढही फसल देखकर कटाई करने से साफ इनकार कर दिया। कुछ देर बाद मुंशी सिंह की हालत बिगड़ गई और इससे पहले कि उन्हें चिकित्सकीय सहायता मिल पाती, उन्होंने दम तोड़ दिया।
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मरने वाले किसानों की संख्या हुई 12

इसी तरह पहासू के नगला शेखू निवासी 65 वर्षीय किसान जगदीश शर्मा शुक्रवार सुबह करीब 35 बीघा गेहूं की फसल देखने खेत पर गए थे। लौटे तो घबराहट हुई और इससे पहले कि परिजन उन्हें अस्पताल ले जाते, उनकी मौत हो गई।

वहीं, तहसील जेवर के गांव रुस्तमपुर में किसान वीरपाल सिंह (60)  पुत्र रोशन सिंह ने 12 बीघा जमीन में गेहूं बोया था। फसल खराब होने पर वह गुमसुम रहने लगे थे। शुक्रवार सुबह 6 बजे जब वह खेत से लौटे तो उनके सीने में तेज दर्द उठा और उसके बाद मौके पर ही मौत हो गई।

इसके अलावा औरंगाबाद के गांव नौबतपुर में 65 वर्षीय किसान असगर खां पर 30 हजार रुपये का लोन था। बृहस्पतिवार शाम खेतों से लौटने पर उनकी भी हालत बिगड़ गई। निजी चिकित्सालय में दिखाया गया, लेकिन देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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