गुजरात विस चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के अलावा करीब दर्जन भर क्षेत्रीय दल भी जोर आजमाइश में लगे हैं। जदयू, राकांपा, जीपीपी, लोजपा, शिवसेना, सपा और बसपा हर एक के निशाने पर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं,जबकि विवेकानंद युवा यात्रा के जरिए जनसंपर्क में जुटे मोदी महंगाई-भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और गांधी नेहरू परिवार पर हमला बोल रहे हैं। मोदी विकास की बात कर रहे हैं, मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में क्षेत्रीय दल वोट कटवा बनकर भाजपा और कांग्रेस का गणित बिगाड़ने की रणनीति पर चल रहे हैं।
राज्य में अब तक कराए गए विकास कार्यो का बखान करने के साथ ही मोदी केंद्र में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाए हुए हैं। अब इसमें रिटेल में एफडीआइ, डीजल के दाम में वृद्धि, रसोई गैस भी शामिल हो गए हैं। मोदी केंद्र के इन फैसलों को जनविरोधी बताने के साथ कांग्रेस पर देश को बर्बाद करने का भी आरोप लगा रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाकर गुजरात की दशा और दिशा बदलने का भरोसा दे रही है। कांग्रेस अपने गुजरात प्रजा विकास दर्शन के जरिए अब तक सात चुनावी घोषणाएं कर चुकी हैं जिसमें महिलाओं को आवास, युवाओं को रोजगार, ब्याज मुक्त मोबाइक, मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ मुफ्त लैपटॉप देने का भी वादा किया गया है। इस राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा छोड़ गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाने वाले केशुभाई पटेल, सपा, जदयू, राकांपा, लोजपा, शिवसेना के अलावा बसपा के निशाने पर मुख्यमंत्री मोदी ही हैं। कुछ दल जहां भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ने पर उतारु हैं वहीं कुछ दल वोट कटवा बनकर इस चुनाव में चांदी कूटने को तत्पर हैं।