दिल्ली जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी ने उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार पर सांप्रदायिक तत्वों के आगे घुटने टेकने और मुसलमानों की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाए।
बुखारी ने कहा कि सपा को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सैयद बुखारी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह को सत्ता सौंपी थी। मुस्लिमों को विश्वास था कि अखिलेश यादव न केवल उनके हितों की रक्षा करेंगे बल्कि उनके साथ होने वाले अन्याय समाप्त को रोकेंगे।
लेकिन न तो उत्तर प्रदेश सरकार मुसलमानों के जान माल की रक्षा कर पाई और न अपने किसी वादे को पूरा कर सकी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में डेढ़ सौ से अधिक सांप्रदायिक दंगे हुए हैं।
राज्य की पूर्ववर्ती बसपा सरकार के कार्यकाल के दौरान अमन और चैन स्थापित था जबकि उस समय भी सांप्रदायिक शक्तियां प्रदेश में मौजूद थी।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में ही क्यों सांप्रदायिक ताकतें सिर उठा लेती हैं। कहीं मुसलमानों को डराने और धमकाने के लिये राज्य सरकार प्रशासन पुलिस और सांप्रदायिक ताकतों में कोई गठजोड़ तो नहीं है।