फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इधर भटकल गिरफ्त में था, उधर रची जा रही थी साजिश

Wed, 30 Oct 2013 02:55 PM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के मास्टरमाइंड यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद भी उसका गिरोह पूरी तरह सक्रिय था।
विज्ञापन


इधर सुरक्षा और जांच एजेंसियां गिरफ्तार भटकल से आईएम के राज उगलवा रही थीं, उधर उसका खास गुर्गा तहसीन अख्तर उर्फ मोनू झारखंड मॉड्यूल को मजबूत कर आतंकी वारदात के प्लॉट रच रहा था।

रविवार को नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली में छह धमाके कर तहसीन ने भटकल के दावे को सच कर दिया कि आईएम अभी भी कम से कम सौ धमाके करने की काबिलियत रखता है।

इन ताजा धमाकों के बाद भटकल की गिरफ्तारी को आईएम पर करारा आघात समझ रही एजेंसियां हतप्रभ हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक हुंकार रैली धमाके के सरगना तहसीन ने भटकल की गिरफ्तारी के बाद आईएम की कमान संभाल ली थी।
विज्ञापन


सोमवार को हुई ताजा पूछताछ में भटकल तहसीन के अलावा धमाके में शामिल किसी लड़के को नहीं पहचान पाया है।

भटकल ने बताया कि तहसीन ने पिछले महीने भर में झारखंड मॉड्यूल के इन लड़कों को इस ऑपरेशन के लिए तैयार किया है, जिन्हें वह नहीं पहचानता। सोमवार को दिल्ली पुलिस भटकल से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान एनआईए और खुफिया विभाग के लोगों ने हुंकार रैली धमाकों में सामने आए नामों की तसदीक की।

तहसीन भी होता गिरफ्त में
सूत्रों ने बताया कि अगर भटकल की गिरफ्तारी की खबर दो दिनों तक गुप्त रहती तो तहसीन भी उनकी गिरफ्त में होता। सूत्रों के मुताबिक तहसीन और भटकल एक दूसरे के दिमाग को पढ़ने में माहिर हैं।

28 अगस्त की सुबह भटकल की गिरफ्तारी की खबर मीडिया पर आते ही तहसीन अपने एक अहम पाकिस्तानी साथी वकास के साथ सक्रिय हो गया। भटकल की निशानदेही पर इससे पहले कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम बंगलूरू के उसके गुप्त ठिकाने तक पहुंचती, उससे पहले वह फरार हो चुका था।

एजेंसियों को उसके ठिकाने से 90 टाइमर और बम बनाने के सामान मिले थे। लेकिन तहसीन और वकास अभी भी उनसे दूर हैं।

तहसीन झारखंड मॉड्यूल की मजबूती में जुटा
रविवार के धमाके में पकड़े गए आतंकी ने एनआईए को बताया है कि तहसीन के नेतृत्व में ही इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। भटकल के पुलिस के चंगुल में आ जाने के बाद तहसीन झारखंड मॉड्यूल को मजबूत करने में जुट गया था।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक एनआईए की गिरफ्त में आए आईएम के एक पुराने आरोपी मंजर इमाम ने बताया है कि दरभंगा, मधुबनी, आजमगढ़ और भटकल मॉड्यूल के खत्म हो जाने के बाद यासीन भटकल ने झारखंड और केरल मॉड्यूल को बनाने की नींव रख दी थी। इसके बाद वह साल 2011 में नेपाल चला गया था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें