देश के आईआईटी तथा आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों के कैंपस विदेशों में स्थापित करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है।
ग्लोबल रैंकिंग में भले ही भारत के शिक्षा संस्थानों को अधिक महत्व नहीं मिल रहा है लेकिन देश के कई तकनीकी व व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों की पूरी दुनिया में धाक है।
हाल ही में कतर के अमीर ने भारत से अपने देश में ऐसे ही कैंपस खोलने का अनुरोध किया। उनके अनुरोध पर विचार के लिए शनिवार को पीएमओ में एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री पी चिदंबरम 18 एवं 19 मई को दो दिन की दोहा यात्रा पर गए थे। वहां पर कतर के अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी ने भारत से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए विशेष अनुरोध किया था।
इसी क्रम में उन्होंने वित्त मंत्री से देश के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों के कैंपस दोहा में खोले जाने का अनुरोध भी किया।
दोहा ने जिन चार संस्थानों में विशेष रुचि दिखाई है, उनमें आईआईटी तथा आईआईएम के अलावा नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, हैदराबाद (एनएएलएसएआर) तथा इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) का नाम शामिल है।
वित्त मंत्री ने दोहा दौरे में शिक्षा के साथ ही पेट्रोलियम, वाणिज्य तथा उड्डयन से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की थी। जानकारी के अनुसार जून या जुलाई महीने में कतर के अमीर भारत के दौरे पर आ सकते हैं।
इससे पहले सरकार कतर के साथ हुई विभिन्न मुद्दों पर हुई बातचीत पर फैसले कर लेना चाहती है। ताकि दिल्ली में अमीर के साथ तय मुद्दों पर समझौते किए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने पहली जून को इसी संबंध में संबंधित मंत्रियों की बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री की बुलाई इस बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू भी मौजूद होंगे।