दुनिया के 100 शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल होकर आईआईटी-गुवाहाटी ने इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही वह यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला भारतीय संस्थान बन गया है।
टाइम्स हायर एजुकेशन पत्रिका ने यहां बुधवार को ‘100 अंडर 50’ संस्थानों की 2014 लीग टेबल जारी की। सूची में आईआईटी-गुवाहाटी को 87वें स्थान पर जगह मिली है। पुर्तगाल की न्यू यूनिवर्सिटी ऑफ लिस्बन और ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न सिडनी को भी यही रैंक हासिल हुई है।
50 साल तक पुराने 100 विश्वविद्यालयों की सालाना सूची में दक्षिण कोरिया की पोहांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को लगातार तीसरे साल शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाने में कामयाबी मिली है।
स्विट्जरलैंड के इकोल पॉलीटेक्निक फेडरल डे लाउसाने ने अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है। जबकि दक्षिण कोरिया के एक और संस्थान कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को तीसरे स्थान पर जगह मिली है।
भारत के कारण बढ़ा प्रभाव
पत्रिका ने एक बयान में कहा कि एशिया ने एक बार फिर सूची में अपना प्रभाव दिखाया है। इसमें भारत के शामिल होने से बल मिला है।
एशिया से सबसे ज्यादा ताईवान के चार संस्थानों को सूची में जगह मिली है। यहां के नेशनल सन यैट-सेन यूनिवर्सिटी ने 40वें स्थान पर कब्जा जमाया है। ब्रिक्स देशों में रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका सूची में जगह बनाने में असफल रहे।
देश में मिला था 10वां स्थान
आईआईटी गुवाहाटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2011 में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 551-600 वां स्थान मिला था। जबकि 2012 में कूयएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 89वां स्थान मिला था।
भारत में 2012 में इंजीनियरिंग कॉलेजों में इसे इंडिया टुडे की ओर से 10वां स्थान दिया गया था। इसी साल आउटलुक इंडिया ने आठवां स्थान दिया था। आईआईटी गुवाहाटी में छह शोध केंद्र काम कर रहे हैं।
आईआईटी गुवाहाटी
1994 में स्थापना
करीब 2000 पोस्टग्रेजुएट छात्र
करीब 2500 अंडरग्रेजुएट छात्र
देश में स्थापित होने वाला छठां आईआईटी