देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए आईआईटी का ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) रविवार को देशभर में होगा। राजधानी में यह परीक्षा सात केंद्रों पर दो पालियों में होगी।
इसमें लगभग 2800 अभ्यर्थियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों के लिए अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और जानकारी के जरिए श्रेष्ठ इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिले का सपना साकार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।इस साल से आईआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा के स्वरूप में बदलाव किया गया है। सात मई को जेईई मेन के आए नतीजों में टॉप 1.50 लाख रैंक तक के अभ्यर्थी ही जेईई एडवांस में बैठ सकते थे। इसके लिए मई के दूसरे-तीसरे सप्ताह में चली आवेदन प्रक्रिया में 1.26 लाख अभ्यर्थियों ने ही जेईई एडवांस में रजिस्ट्रेशन कराया। ऐसे में 26 हजार अभ्यर्थियों ने पहले ही आईआईटी की दावेदारी छोड़ दी है। कानुपर जोन में 40 सेंटरों पर 15,500 अभ्यर्थी टेस्ट में शामिल होंगे। इसमें राजधानी के अलावा कानपुर, वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर, झांसी, इलाहाबाद शामिल हैं। जोन में उत्तराखंड में पंतनगर और मध्य प्रदेश में भी तीन शहरों में परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
राजधानी में नवयुग रेडियंस सीनियर सेकंडरी स्कूल, सिटी मॉण्टेसरी स्कूल गोमती नगर में एक-एक केंद्र, लखनऊ पब्लिक स्कूल एलडीए कॉलोनी में दो केंद्र और रामस्वरूप मेमोरियल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में तीन सेंटर बनाए गए हैं। जेईई एडवांस में सफल होने वाले अभ्यर्थियों में उन्हीं को आईआईटी में प्रवेश मिलेगा जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में 20 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं।
यह होगा परीक्षा का प्रारूप
जेईई एडवांस दो पालियों में सुबह 9 से 12 बजे तक और दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा। दोनों ही प्रश्न-पत्र केमिस्ट्री, फिजिक्स और मैथ्स के सवालों पर आधारित होंगे। इसमें ऑब्जेक्टिव, कॉम्प्रीहेन्सिव, मैट्रिक्स और एनालसिस पैटर्न के सवाल होंगे। परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के आधा घंटे बाद पहुंचने पर किसी भी दशा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रश्न-पत्रों का स्वरूप भी पिछले वर्ष की भांति रहेगा। अभ्यर्थी ओएमआर शीट भरने के लिए पेंसिल की जगह ब्लैक बॉल पेन का इस्तेमाल करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी परीक्षा जानकारी के साथ ही आत्मविश्वास पर भी निर्भर करती है, इसलिए अभ्यर्थी परीक्षा को सहजता से लें। पहले जो सवाल आ रहे हों, उन्हें हल करें और कठिन सवाल पर समय न गंवाएं। बाद में बचे समय में उन सवालों पर केंद्रित करें।