पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने कहा है कि जेल में बंद सरबजीत सिंह को फांसी हुई तो वह पाकिस्तान छोड़ देंगे। सामाजिक संस्था नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट एंड एक्टिविस्ट (निफा) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पूर्व उन्होंने यह बात कही।
'सबकी सजा ए मौत को उम्रकैद में बदल देंगे'
उन्होंने बुधवार को कहा कि वह कसाब का नाम नहीं लेना चाहते थे, क्योंकि वह दहशतगर्द था और उसे सजा होनी चाहिए थी। बर्नी ने कहा कि वह सत्ता में आए तो वह सबकी सजा ए मौत को उम्रकैद में बदल देंगे। दूसरा वह पाकिस्तान और भारत के बीच वीजा खत्म कर देंगे। भले ही भारत इसे समाप्त न करे। भारत के लोग जब चाहें पाकिस्तान जा सकेंगे।
कसाब को फांसी से अटकी सरबजीत की रिहाई
सरबजीत की रिहाई के मामले में बर्नी ने कहा कि रिहाई को लेकर काम लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन भारत की ओर से थोड़ा गलत कदम उठाया गया। इससे पाकिस्तान में कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। इस कारण मामला लटक गया।
मोहब्बत का पैगाम जाए
मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि अगर कहीं दहशतगर्दों को माफी देने से कई मुल्कों के बीच मोहब्बत का पैगाम जाता हो तो माफी देने पर विचार किया जाना चाहिए। लोगों में नफरत नहीं फैलाई जानी चाहिए। अंसार बर्नी ने कारगिल के हीरो कैप्टन सौरभ कालिया के बारे में कहा कि उन्हें कालिया के परिवार से हमदर्दी है। वह उनके परिजनों से मिलना चाहते हैं। वह शहीद हो गए हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जाने वाले चले गए, लेकिन पीछे खूनी लकीर खींच जाए तो वह अच्छा नहीं होता। नए सिरे से मोहब्बत की शुरूआत करनी होगी। इसके लिए आगे आना होगा।
दोबारा पाक जाएंगी दलबीर कौर
इस अवसर पर अंसार बर्नी के साथ मौजूद सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने कहा कि वह दोबारा वीजा लेकर पाकिस्तान जाएंगी और वहां के प्रधानमंत्री, सामाजिक संगठनों व अदालत से उसके भाई की रिहाई के लिए मांग करेगी।