अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को लेकर शिवसेना भी आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत के समर्थन में आ गई है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र के ताजा अंक में कहा है कि वह संघ प्रमुख के बयान का समर्थन करती है और राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उनके साथ है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया में लोकप्रिय नेता बताते हुए शिवसेना ने कहा है कि उनमें राम मंदिर का निर्माण करने की हिम्मत और धमक है। लिखा है कि जिस दिन प्रधानमंत्री राम मंदिर निर्माण का काम अपने हाथ में लेंगे, उनकी अफलातून लोकप्रियता में चार चांद लग जाएंगे।
शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना में ‘सरसंघचालक का जय श्रीराम’ शीर्षक के तहत प्रकाशित संपादकीय में मोहन भागवत के उस बयान की तारीफ की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि राम मंदिर का निर्माण मेरे जीते जी होगा लेकिन तारीख का पता नहीं। शिवसेना ने लिखा है कि मोहन भागवत ने 6 दिसंबर से पहले राम मंदिर मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
हम उनके साथ हैं
उसके बाद मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले की जीभ बेताल हो गई है और
मंदिर निर्माण की बात करने वालों को अजमल कसाब जैसा अपराधी सिद्ध करने की
खींचतान शुरू हो गई है।
शिवसेना ने कहा है कि मोहन भागवत मंदिर निर्माण की
तारीख घोषित करें, हम उनके साथ है। इसके साथ ही शिवसेना ने पीएम मोदी और
भाजपा पर तंज कसा है।
उसने कहा है कि केंद्र सरकार राम मंदिर निर्माण, धारा
370 और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को बस्ते में बांधकर काम चला रही
है। ऐसे में भाजपा के सामने बड़ा संकट यह है कि इस पर क्या बोला जाए।
लेकिन, शिवसेना संघ प्रमुख की घोषणा का स्वागत करती है।
लाज नहीं आनी चाहिए
शिवसेना का कहना है
कि उसे राम मंदिर पर बोलने का पूरा अधिकार है क्योंकि बाबरी मस्जिद को
विध्वंस करने वाले शिवसैनिक ही थे। भाजपा को उकसाते हुए शिवसेना ने लिखा है
कि राम मंदिर के लिए बलिदान के बाद ही भाजपा को सत्ता मिली है
इसलिए उसे
अयोध्या में मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठाने में लाज नहीं आनी चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का वह बयान कि जब हमारे पास 380 सांसद होंगे तब राम
मंदिर का निर्माण करेंगे।
इस पर शिवसेना ने भाजपा को याद दिलाया कि जब
भाजपा के पास मात्र दो सांसद थे, तब उसने अयोध्या में रणक्रंदन किया था।
अब तो सरकार उनकी है।