वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा नेताओं की तेज होती बयानबाजी के बावजूद जद-यू ने इस मुद्दे पर अभी पत्ते नहीं खोले हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को यहां कहा कि हम नितिन गडकरी और सुषमा स्वराज सहित इस तरह की सभी टिप्पणियों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन इस पर अपनी बात तभी रखेंगे जब राजग के बीच यह मुद्दा उठेगा। इससे पहले इसे लेकर कुछ भी बोलने का कोई मतलब नहीं है। मैं कभी भी वक्त से पहले मुंह खोलने के पक्ष में नहीं रहा हूं। नीतीश से प्रधानमंत्री पद के दावेदारों को लेकर गडकरी और सुषमा के बयान को लेकर सवाल पूछा गया था।
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि उनकी पार्टी यह पहले ही बता चुकी है कि किस तरह के व्यक्ति को पीएम पद के लिए दावेदार के रूप में पेश करना चाहिए। यह पूछने पर कि वह खुद चुनाव प्रचार करने गुजरात क्यों नहीं गए, नीतीश ने कहा कि उन्हें मेरी सेवाओं की जरूरत नहीं है। वैसे भी मैंने पहले ही अपनी पार्टी को बता दिया था कि मैं पाक यात्रा और अधिकार रैली सहित अन्य कामों को लेकर व्यस्त रहूंगा।