संयुक्त परिवार में अगर कोई व्यक्ति पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण करने में असमर्थ है तो परिवार के दूसरे सदस्यों को उसकी पत्नी को गुजारा भत्ता देना होगा। महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के मद्देनजर विधि आयोग ने यह सिफारिश की है।
आयोग ने हिंदू अडॉप्टेशन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 की धारा-18 में संशोधन कर इसमें एक और धारा जोड़ने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि शारीरिक अक्षमता, मानसिक रूप से बीमार, गुम हो जाने या सांसारिक मोह माया से दूर जाने वाला व्यक्ति यदि संयुक्त परिवार का हिस्सा है तो उसकी पत्नी परिवार के अन्य सदस्यों से गुजारा भत्ते का दावा कर सकती हैं।
हालांकि पत्नी उस स्थिति में इसका दावा नहीं कर सकती अगर पति को संयुक्त परिवार की संपत्ति का हिस्सा मिल चुका हो। कानून मंत्रालय को सौंपी अपनी सिफारिश में विधि आयोग ने कहा है कि उस महिला के अधिकार की रक्षा जरूरी है जिसका पति भरण पोषण करने में असमर्थ है।