जद-यू ने मंगलवार को अपने उस रुख को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें पार्टी की ओर से कहा गया था कि वह यूपीए सरकार को गिराने की इच्छुक नहीं है। अब पार्टी ने कहा है कि अगर मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार गिरती है तो वह धक्का जरूर देगी। पार्टी ने अन्य पार्टियों की ओर से लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान किया है।
पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि हम सरकार को गिराने के लिए खासतौर पर कोई रणनीति नहीं बना रहे हैं, लेकिन अगर सरकार गिरती है तो हम उसे धक्का जरूर मारेंगे। यादव का यह बयान तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अगले सत्र में यूपीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही हैं।
बनर्जी ने इस संबंध में अन्य पार्टियों से सहयोग की अपील की थी। ममता ने यूपीए सरकार के खिलाफ सोमवार को जंतर-मंतर पर रैली की थी। मंच पर ममता के साथ शरद यादव भी मौजूद थे। यादव ने ममता को शेरनी करार दिया था, लेकिन फेडरल फ्रंट बनाने के उनके इच्छा को नकार दिया था।
राजग संयोजक यादव ने कहा है कि यूपीए सरकार के खिलाफ राजग अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगा, लेकिन अगर कोई अन्य पार्टी ऐसा करती है तो हम स्थिति पर विचार कर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सरकार को गिराने खासतौर पर ध्यान नहीं देंगे, लेकिन अगर सरकार गिरती है तो हम निश्चित तौर पर उसे धक्का मारेंगे।
राष्ट्रीय राजनीति में नए फ्रंट के गठन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि बगैर धूरी के कोई गठबंधन नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस तरह के किसी फ्रंट की फिलहाल संभावना नहीं है। यादव ने कहा कि तीसरा मोर्चा तब बना था जब जनता दल राष्ट्रीय पार्टी थी और बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक तथा अन्य राज्यों में उसकी मजबूत उपस्थिति थी। उन्होंने कहा कि पहिया तभी घूमता है जब धूरी होती है और इस समय नए फ्रंट के लिए धूरी नहीं है।