आज के दौर में लगभग हर चीज मिलावटी है। यह मिलावट आसानी से पकड़ में नहीं आती या फिर लोग आसान तरीका नहीं जानते हैं। हम आपको मिलावट और जांच के आसान तरीके बताने जा रहे है। उदाहरण के तौर पर मिठाई को सबसे पहले चख कर देखें। स्वाद में ठीक न होने पर उसे हाथ में लेकर देखें कि इसमें चिकनाई कितनी है। खट्टी और स्वाद में परिवर्तन वाली मिठाई खरीदने से बचें।
1. मिर्च पाउडर में ईंट या बालू का चूर्ण हो सकता है।
जांच : एक चम्मच मिर्च पाउडर को पानी भरे ग्लास में डालें। पानी रंगीन हो जाता है, तो मिर्च पाउडर मिलावटी है। उसमें ईंट या बालू का चूर्ण होगा तो वह पैंदे में बैठ जाएगा। अगर सफेद रंग का झाग दिखे तो उसमें सेलखड़ी की मिलावट है।
2 मावा में स्टार्च की मिलावट हो सकती है।
जांच : इसकी थोड़ी मात्रा में पानी मिलाकर इस मिश्रण को उबालें। इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि नीले रंग की परत दिखे तो साफ है कि उसमें स्टार्च मौजूद है।
3. हल्दी में रंग मिला हो सकता है।
जांच : एक चम्मच हल्दी को एक परखनली में डालकर उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें। बैंगनी रंग दिखता है और मिश्रण में पानी डालने पर यह रंग गायब हो जाता है तो हल्दी असली है। रंग बना रहता है तो वह मिलावटी है।
4. खाने के तेल में आर्जीमोन हो सकता है।
जांच : सैंपल में सांद्र नाइट्रिक एसिड मिलाकर मिश्रण को खूब हिलाएं। थोड़ी देर बाद एसिड की परत में अगर लाल, भूरे रंग की परत दिखाई दे तो यह आर्जीमोन तेल की मौजूदगी का द्योतक है।
5. चांदी के वर्क में एल्युमिनियम की मिलावट हो सकती है।
जांच : चांदी के वर्क को जलाने से वह उतने ही भार की छोटी सी गेंद के रूप में बदल जाता है, जबकि मिलावट वाली चांदी को जलाने के बाद गहरे ग्रे रंग का अवशेष बच जाता है।
6. चावल में रंग मिला हो सकता है।
जांच : दोनों हाथों से चावल को रगड़ें। यदि इसमें पीला रंग होगा तो हाथों में लग जाएगा। चावल को पानी में भिगोएं और उसमें सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें। पानी का रंग बैंगनी हो जाए तो उसमें पीला रंग मिला हुआ है।
7. चाय पत्ती में रंग मिला हो सकता है।
जांच : चीनी.मिट्टी के किसी बर्तन या शीशे के प्लेट पर नींबू का रस डालकर उस पर चाय पत्ती का थोड़ा सा बुरादा डाल दें। यदि नींबू के रस का रंग नारंगी या दूसरे रंग का हो जाता है तो इसमें मिलावट है। यदि चाय पत्ती असली है तो हरा मिश्रित पीला रंग दिखाई देगा।
8. शहद में पानी या चीनी हो सकती है।
जांच : रूई के फाहे को शहद में भिगोकर उसे माचिस की तीली से जलाएं। यदि शहद में चीनी और पानी का मिश्रण है तो रूई का फाहा नहीं जलेगा और यदि शहद शुद्ध है तो चटक की आवाज के साथ जल उठेगा।
9. केसर की ऐसे करें पहचान
जांच : मकई के टुकड़े को सूखाकर इसमें चीनी मिलाकर कोलतार डाई से बनाया जाने वाला नकली केसर पानी में डालने के बाद रंग छोडऩे लगता है। असली केसर को पानी में घंटों रख देने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता।
10. नमक में मिट्टी हो सकती है
जांच : नमक की कुछ मात्रा लेकर कांच के साफ गिलास में पानी लेकर घोल लें तथा कुछ समय के लिए उसे स्थिर रहने दें इसके बाद यदि गिलास की तली में रेत या मिट्टी बैठ जाए तो समझ लेना चाहिए कि नमक में मिलावट है।
11. चने, अरहर की दाल में खेसरी दाल मेटानिल पीला रंग हो सकता है
जांच : दाल को एक परखनली में डालकर उसमें पानी डालें तथा हल्के हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालें हिलाने पर यदि घोल का रंग गहरा लाल हो जाय तो समझना चाहिए कि दाल को मेटानिल पीले रंग से रंगा गया है। खेसरी दाल का परीक्षण दाल को ध्यानपूर्वक देख कर किया जा सकता है। खेसरी दाल नुकीली एवं धंसे हुए आकार की होती है।
12. काली मिर्च में पपीते के बीज हो सकते हैं
जांच : काली मिर्च को पानी में डाल दें यदि पपीते के बीज हैं तो ह पानी में तैर जाएंगे और काली मिर्च डूब जाएगी।
13. हींग की ऐसे जाचें शुद्धता
जांच : शुद्ध हींग को लौ पर जलाने से लौ चमकीली हो जाती है। हींग को साफ पानी में धोने पर यदि हींग का रंग सफेद या दूधिया हो जाए तो हींग शुद्ध है।
14. दूध में पानी की मिलावट
जांच : लेक्टोमीटर द्वार सापेक्षिक घनत्व को ज्ञात करके दूध की शुद्धता की जांच की जा सकती है। शुद्ध दूध का सापेक्षिक घनत्व 1.030 से 1.034 तक होना चाहिए।
15. मक्खन, घी में वनस्पति घी हो सकता है
जांच : हाइड्रोक्लोरिक अम्ल 10 सी.सी. तथा एक चम्मच चीनी मिलाएं तथा इस मिश्रण में 10 सी.सी. घी या मक्खन मिलाए। इसे अच्छी तरह हिलाएं यदि मिलावट होगी तो मिश्रण का रंग लाल हो जाएगा।