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पूर्व आईएसआई चीफ गुल ने बनाया टुंडा को खूंखार आतंकी

Tue, 20 Aug 2013 12:33 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पूर्व चीफ हामिद गुल अब्दुल करीम टुंडा का हैंडलर था। गुल ने ही टुंडा को खूंखार आतंकी बनाया था।
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यह दावा किया है टुंडा ने। उसका कहना है कि उसे मुंबई हमले की जानकारी थी, लेकिन उसे विस्तार से पता नहीं था कि कैसे क्या होना है।

टुंडा की मानें तो उसकी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम समेत डी कंपनी के सभी प्रमुख लोगों से अच्छी दोस्ती थी। साथ ही उसने खुलासा किया है कि आईएसआई के दो मेजर उसे नकली भारतीय करेंसी देते थे।

उधर, गुल ने टुंडा के दावे को गलत करार दिया है। उसका कहना है कि वह टुंडा से कभी नहीं मिला।

गुल ने कहा है कि वह जून 1989 में आईएसआई से रिटायर हो गया था, जबकि टुंडा 1995 में मुलाकात की बात कह रहा है। गुल ने कहा है कि वह टुंडा और दाऊद किसी को नहीं जानता।
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दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब में टुंडा आईएसआई के पूर्व चीफ हामिद गुल से वर्ष 1995 में मिला था। गुल उसे वहां से पाक ले गया था। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के बीच गुल ने ही बोए थे और उसी ने दाऊद व टुंडा को पाक में जगह दी थी।

पुलिस की पूछताछ में टुंडा ने स्वीकार किया है कि वह नकली भारतीय करेंसी सप्लाई करता था। उसने यह काम 2005 में शुरू किया था। इसके लिए उसने बांग्लादेश को गढ़ बना रखा है।

आईएसआई के दो मेजर अल्ताफ और तायीब उसे नकली नोट देते थे। डी कंपनी उसे नकली नोट सप्लाई करने में सहायता करती थी।

इस दौरान वह इकबाल काना के संपर्क में आया था। टुंडा ने नकली नोटों की सप्लाई के लिए नेपाल में भी बड़ा नेटवर्क बना रखा है।

इस बीच, गृह मंत्रालय ने टुंडा की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों की पीठ थपथपाई है।

गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने कहा है कि एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने बेहतरीन काम किया है। मंत्रालय को उम्मीद है कि ऐसी कामयाबी आगे भी हाथ लगेगी।

फिर रिमांड पर लेगी पुलिस
टुंडा का तीन दिन का पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रहा है। विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि उसे फिर से रिमांड पर लिया जाएगा। अभी उसे मालवीय नगर में मिले विस्फोट के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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श्रीवास्तव ने बताया कि टुंडा पूछताछ के दौरान पुलिस को गुमराह कर रहा है। वह कई बार नाम भूलने की बात कहता है। टुंडा का कहना है कि उसे भूलने की बीमारी है।

पुलिस मुख्यालय के सामने कराया था ब्लास्ट
पुलिस के अनुसार, आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने वर्ष 1996 में हुए धमाके में टुंडा का ही हाथ था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
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