देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही महिलाओं और बुजुर्गों की हत्या के मामलों को राज्यसभा में उठाते भाजपा सांसद नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि उन्हें यहां अकेले रहते हुए डर लगता है।
उन्होंने कहा, ‘मैं दिल्ली में अकेली रहती हूं और मुझे बहुत डर लगता है।’
शून्यकाल में दिल्ली में बुजुर्गों व महिलाओं की हत्या की बढ़ती वारदातों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने यूपीए सरकार पर भी जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि यूपीए शासित राज्यों में कानून व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि बलात्कार की घटनाओं के बाद अब महिलाओं और बुजुर्ग लोगों का दिन दहाड़े कत्ल कर दिया जा रहा है।
हेपतुल्ला ने कहा, ‘सोमवार को एक महिला का गला रेत दिया गया। जबकि अकेले मंगलवार को ही दिल्ली में हत्या की छह वारदातें हुईं। इनमें से दो महिलाओं का गला काटा गया जबकि एक ही घर में चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इससे पहले लगभग रोजाना ही देश की राजधानी में रेप की घटनाएं हो रहीं थीं। अब हत्याएं होने लगी हैं।’
दिल्ली में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में हेपतुल्ला ने कहा, ‘मैं जानती हूं कि यह सरकार ज्यादा दिन की नहीं है क्योंकि चुनाव जल्द ही होने हैं। मैं दिल्ली में राष्ट्रपति शासन की मांग भी नहीं कर सकती क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले से ही यहां की कानून व्यवस्था देख रहा है।’
महाराष्ट्र के पुणे में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले नरेंद्र दोभालकर की हत्या का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस हत्या के बाद पूरा सदन इस बात पर सहमत होगा कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है।
संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि वह उनकी चिंता को गृह मंत्री के समक्ष रखेंगे।