बम गुरु आतंकी अब्दुल करीम टुंडा का कहना है कि वह बेहद तंगहाली में जी रहा है। मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में टुंडा ने कहा कि उसके पास वकील को देने के लिए पैसे नहीं हैं।
इससे पहले चंद वकीलों ने टुंडा से कहा था कि वे उसका केस लड़ने को तैयार हैं। हालांकि कोर्ट के सामने एडवोकेट एमएस खान ने कहा कि टुंडा ने उन्हें वकालतनामा साइन करके दिया है और वे इस मामले की पैरवी करेंगे।
आतंकी टुंडा ने पूछताछ में उगले 10 अहम राज
पूछताछ के दौरान टुंडा ने बताया कि पाक के इस्लामाबाद व पेशावर में नकली भारतीय नोट छापे जाते हैं। इकबाल काना भारत में नकली नोट सप्लाई करने के लिए उसके नेटवर्क का ही इस्तेमाल करता था। काना को नकली नोट की खेप पाक सेना का एक ब्रिगेडियर देता था।
दाऊद इब्राहिम की पार्टी में जाता था टुंडा
अब्दुल करीम उर्फ टुंडा पार्टियों में जाने और घूमने-फिरने का शौकीन है। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह दाऊद इब्राहिम के बुलावे पर उसकी पार्टी में जाता था। उसमें आईएसआई के अफसरों के अलावा आतंकी संगठनों से जुड़े अन्य लोग भी आते थे।
पूर्व आईएसआई चीफ गुल ने बनाया टुंडा को खूंखार आतंकी
टुंडा ने खुलासा किया कि वर्ष 2000 में दाऊद से मुलाकात के बाद उसने उसके घर जाना शुरू कर दिया था। दाऊद अपने बंगले पर पार्टियां करता रहता है।
टुंडा ने बताया कि 2005 के बाद वह कई बार पत्नियों को लेकर अफगानिस्तान के अलावा सऊदी अरब, दुबई व अन्य खाड़ी देशों की यात्रा पर गया। इस मामले में उसके हाफिज सईद से मतभेद रहे हैं। हाफिज पार्टियों और घूमने-फिरने के खिलाफ है।