अपने एक पुराने साथी डी जी वंजारा के चिट्ठी से मुश्किल में फंसते दिख रहे
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विरोधियों पर जवाबी हमला बोला
है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद मोदी ने आज कहा कि वह प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देख हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जबकि भाजपा में उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग जोर-शोर से उठ रही है। उनके इस बयान से राजनीतिक क्षेत्र में खलबली मचना स्वाभाविक है।
मोदी ने आज शिक्षक दिवस पर छात्रों के साथ हुई बातचीत के दौरान कहा "मैं 2017 तक गुजरात की ही सेवा करना चाहता हूं।
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मैं कुछ और बनने का सपना नहीं देख रहा लेकिन मैं कुछ करने का सपना जरूर देखता हूं। गुजरात की जनता ने मुझे 2017 तक के लिये अपना प्रतिनिधि चुना है और यही मेरे लिये महत्वपूर्ण है।"
मोदी ने यह जवाब एक छात्र के प्रश्न पर दिया जिसने उनसे पूछा था कि क्या वह अगले साल प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनसे बात करने आएंगे।
इस पर मोदी ने कहा "मैं 2017 तक आपकी सेवा करूंगा और सिर्फ पांच सितंबर को ही नहीं बल्कि जब भी आप मुझसे सवाल पूछेंगे, मैं उसका जवाब दूंगा।"
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हालांकि वंजारा पर मोदी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, जिसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। लेकिन गुरुवार को भी जब मोदी ने कुछ बोला, तो वंजारा नहीं, बल्कि पीएम पद के विषय पर बयान दिया।
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इससे साफ होता है कि मोदी बचाव की मुद्रा में आने के लिए तैयार नहीं है। वंजारा के मुद्दे पर जब विरोधी उन्हें घेरने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने पीएम पद के बजाय गुजरात को केंद्र में रखकर पुराना दांव खेलने की कोशिश की है।
वहीं, कांग्रेस ने उनके बयान पर कहा कि वंजारा के खुलासे के बाद ऐसा लगता है जैसे मोदी ने अपना मन बदल लिया है।
कांग्रेस नेता पी एल पूनिया ने कहा, "अगर मोदी कह रहे हैं कि सपने देखने वाले बर्बाद हो जाते हैं, तो भाजपा को सचेत हो जाना चाहिए। क्योंकि भाजपा पीएम पद तक पहुंचने का सपना देख रही है। ऐसे में अगर मोदी की बात पर यकीन किया जाए, तो उसे बर्बाद होने से कोई नहीं बचा जा सकता।"