राष्ट्रीय जनक्रांति पार्टी के संरक्षक और सांसद कल्याण सिंह शुक्रवार को यहां अयोध्या के राम मंदिर के लिए एक बार फिर पुरानी लय में दिखाई दिए। कहा कि वे राम मंदिर के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार को न्योछावर कर चुके हैं। वह बाबरी मसजिद ढांचा विध्वंस के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने पहले ही खुद जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिया था। लिब्राहन आयोग में भी उनका यही बयान दर्ज है। भव्य मंदिर निर्माण प्रमुख मुद्दा ही नहीं वरन उनका लक्ष्य है।
लोकनिर्माण विभाग भवन में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सपा पर मुस्लिम तुष्टीकरण के नाम पर प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बनारस, लखनऊ आदि शहरों में बम विस्फोट के आरोपियों को बरी किए जाने की साजिश आत्मघाती होगी। सात माह में नौ सांप्रदायिक दंगे प्रदेश के विस्फोटक हालात एवं गृहयुद्ध का संकेत दे रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान कल्याण सिंह पार्टी में शामिल होने से पहले ही भाजपा एवं पार्टी नेताओं का बचाव करते दिखाई दिए। भाजपा को देश की एक मात्र राष्ट्रवादी पार्टी बताते हुए गडकरी का बचाव किया। कहा कि आरोपों के जवाब में किसी भी संस्था से जांच कराने की मांग कर जहां भाजपा अध्यक्ष ने मिसाल कायम की है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष अपने दामाद राबर्ट वाड्रा के मामले पर चुप्पी साधे हैं।
भाजपा में शामिल होने के प्रश्न पर कल्याण ने कहा कि उनकी भाजपा नेताओं से कई दौर की बात हो चुकी है। अंतिम निर्णय के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गडकरी से वार्ता होनी शेष है। भाजपा से बनते बिगड़ते रिश्ते एवं गुजरे घटनाक्रमों को बुरा अतीत बताते हुए कहा कि यह सब वक्त का फेर है।