मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की डिग्री मामले में याचिका दायर करने वाले अहमर खान का कहना है कि उन्होंने स्मृति के खिलाफ याचिका सिर्फ मीडिया में आईं खबरों के आधार पर दी है। वह कोई राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं हैं।
गौरतलब है कि अहमर खान ने स्मृति के खिलाफ ये याचिका दिल्ली की पटियाला कोर्ट में दाखिल की थी। उनकी याचिका पर दिल्ली की एक अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इसका मतलब है कि अब अदालत ये जांच करेगी कि ये याचिका कितनी प्रमाणिक है।
कौन है अहमर खान?
जब तक अहमर खान ने स्मृति के खिलाफ याचिका दाखिल नहीं की थी तब तक उन्हें कोई नहीं जानता था, हालांकि वह दिल्ली में जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं चाहे वो खोमचे वालों की लड़ाई हो या रेंट कट्रोल एक्ट को दिल्ली में लागू करवाने के लिए आवाज उठाना। पेशे से लेखक और दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक खान इस काम को अपने दो साथियों तपन कुमार और नलिन मिश्रा के साथ करते हैं।
अपनी उपलब्धियों को बताते हुए खान कहते हैं कि खोमचे वालों से अवैध वसूली के लिए उनकी पीआईएल पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज से जांच करवाई, जिसका फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रखा है।
उनके कार्य दिल्ली तक ही सीमित नहीं है पिछले साल उन्होंने हिसार में चार लड़कियों से बलात्कार की घटना के खिलाफ हरियाणा के हिसार में आवाज उठायी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था।