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गुजरात दंगाः मोदी के कुत्ते वाले बयान पर मचा बवाल

Fri, 12 Jul 2013 08:45 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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गुजरात दंगों पर विवादास्पद बयान देने पर नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के जरिए सफाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया, 'हमारी संस्कृति में जीवन का हर रूप अनमोल और पूजनीय माना जाता है।'
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कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि मोदी ने जिस तरह की मानसिकता के साथ बयान दिया है उसकी घोर निंदा होनी चाहिए। सभ्य भारत में इस तरह की तुलना का कोई स्थान नहीं है। मोदी को अपने बयान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

वहीं, कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि मोदी किसी तरह के इंसान हैं यह देश बताएगा। जब वे किसी और से गाड़ी चलवा रहे थे तो उसे काबू में रहकर कार चलाने के लिए क्यों नहीं कहा। वह कार में पीछे बैठकर क्या कर रहे थे।
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क्या कहा था मोदी ने
नरेंद्र मोदी ने साल 2002 के दंगों पर भले ही दुख का इजहार किया, मगर लगे हाथ यह भी कह दिया कि इसको ले कर उनके मन में न तो कोई अपराधबोध है और न ही कोई पछतावा।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दंगा रोकने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ईमानदारी से अपने संसाधनों और विवेक का उपयोग किया, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी ने भी की।

हालांकि दंगे पर दुख व्यक्त करने के क्रम में मोदी यह उपमा दे कर विवादों में घिर गए कि कार के पहिए के नीचे अगर कुत्ते का बच्चा भी आ जाए तो अफसोस होता है।

साक्षात्कार में मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि दंगा मामले में उन्हें आलोचनाओं की परवाह नहीं है। खुद को तानाशाह बताए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कुछ लोगों का नजरिया हो सकता है, मगर वह खुद को हिंदू राष्ट्रवादी और देशभक्त मानते हैं।

हिंदूवादी नेता की छवि से समझौता नहीं
बहरहाल चुनावी बेला में भाजपा का नया चेहरा बनाए गए मोदी के बोल से साफ है कि वह अपनी हिंदूवादी नेता की छवि के साथ साथ विकास पुरुष की छवि से रत्ती भर भी समझौता करने को तैयार नहीं हैं।

पढ़ें विशेष: मोदी एक, चुनावी मैदान अनेक: क्या होगा भाजपा का?

इस साक्षात्कार को भाजपा की विकास के साथ साथ हिंदुत्व के सहारे चुनाव मैदान में उतरने का साफ संकेत भी माना जा रहा है।

मोदी गुजरात दंगे के लगभग एक दशक से भी अधिक समय बाद खुल कर बोले। हालांकि इस दौरान उन्होंने इस बात का पूरा खयाल रखा कि उनके मुंह से कुछ ऐसी बात नहीं निकले जिससे उनकी हिंदूवादी फायरब्रांड नेता की छवि पर रत्ती भर भी आंच आने पाए।

दंगे के सवाल पर एसआईटी जांच के नतीजे के सहारे मोदी ने अपने बचाव की भी कोशिश की। इसके बावजूद होने वाली आलोचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इससे वह हतोत्साहित नहीं होते, क्योंकि लोकतंत्र में सबका अपना नजरिया और सबको आलोचना का अधिकार होता है।

उन्होंने दावा किया कि दंगाईयों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी बुद्धि और संसाधनों के अनुरूप हरसंभव ईमानदार कोशिश की। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी तक ने उन्हें क्लिन चिट दी।

पछतावा होने से साफ इंकार
मोदी ने दंगे को ले कर अपराधबोध या पछतावा होने से साफ इंकार कर दिया। उल्टा उन्होंने पूछा कि जब उन्होंने कुछ किया ही नहीं तो अपराधबोध का सवाल ही कहां पैदा होता है।

उन्होंने कहा कि पछतावा और हताशा उन्हें होती है जिन्हें रंगे हाथ गलत काम करते पकड़ा जाता है। मगर जब उन्होंने कुछ किया ही नहीं तो अपराधबोध, पछतावा या हताशा का सवाल ही नहीं उठता।

इसी दौरान जब उनसे पूछा गया कि उस दौरान राज्य का मुखिया होने के नाते क्या उन्हें दंगे को ले कर अफसोस नहीं है। इस पर मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री ही नहीं इंसान होने के नाते दुख तो होता ही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे आप कार चला रहे हैं या पीछे बैठे हैं और कार के पहिये के नीचे कुत्ते का बच्चा भी आ जाए तब भी तकलीफ तो होती ही है।

'मैं तानाशाह नहीं हूं'
इस दौरान मोदी ने खुद को तानाशाह बताए जाने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि अगर कोई तानाशाह है तो वह इतने सालों तक सरकार चलाने में कामयाब कैसे रह सकता है।

उन्होंने कहा कि मैंने हिंदू परिवार में जन्म लिया है, इसलिए मैं हिंदू हूं। और हिंदू होना कोई अपराध नहीं है और मुझे इसका कोई अफसोस भी नहीं है।

मोदी ने कहा कि वह खुद को हिंदू राष्ट्रवादी मानते हैं। ऐसा हिंदू राष्ट्रवादी जिसके लिए देश सबसे पहले है। खुद को सेक्यूलर होने के सवाल पर मोदी ने कहा कि बेशक हैं मगर उनकी धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा का मतलब है सबसे पहले भारत और सबको न्याय, तुष्टिकरण किसी का नहीं।

बहरहाल मोदी का साक्षात्कार ऐसे समय आया है जब भाजपा उन्हें पार्टी का नया चेहरा बनाए जाने के बाद लगातार प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का साफ संकेत दे रही है।

मोदी के राष्ट्रीय राजनीति के मंच पर आने के साथ ही उनके दाहिना हाथ माने जाने वाले पार्टी महासचिव अमित शाह का अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का राग छेड़ने, चुन चुन कर हिंदूवादी नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने के बाद अब मोदी के इस साक्षात्कार के संकेत साफ हैं।

पार्टी मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ हिंदुत्व के एजेंडे को आगे रख कर साल 2014 के चुनावी समर में उतरेगी।

बयान पर मचा बवाल
- मोदी का बयान बेहद शर्मनाक है। क्या वे समझते हैं कि मुसलिम पिल्ले से भी बदतर हैं। मोदी को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। वे जितनी जल्दी माफी मांग लेंगे उतना ही बेहतर होगा। अन्यथा इसके गंभीर परिणाम निकलेंगे।- कमाल फारूकी, सपा प्रवक्ता

- मोदी ने जिस तरह की मानसिकता के साथ बयान दिया है उसकी घोर निंदा होनी चाहिए। सभ्य भारत में इस तरह की तुलना का कोई स्थान नहीं है। मोदी को अपने बयान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।- अजय माकन, कांग्रेस महासचिव

- मोदी किसी तरह के इंसान हैं यह देश बताएगा। जब वे किसी और से गाड़ी चलवा रहे थे तो उसे काबू में रहकर कार चलाने के लिए क्यों नहीं कहा। वह कार में पीछे बैठकर क्या कर रहे थे।- कपिल सिब्बल, कानून मंत्री

- मोदी के हिंदू होने पर गर्व संबंधी बयान का मतलब है कि वह किसी और समुदाय को साथ लेकर नहीं चलना चाहते। अगर इस तरह का कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाता है तो यह बहुत ही खतरनाक स्थिति होगी। मोदी का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कराया जाना चाहिए।- शिवानंद तिवारी, जद-यू नेता

- मोदी के बयान को पूरी तरह से तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। लोगों को उनके इंटरव्यू को पूरी तरह पढ़ना चाहिए। उनके बयान पर विवाद पैदा करने का मकसद एक समुदाय विशेष को खुश करना है और यह कांग्रेस के वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है।- निर्मला सीतारमण, भाजपा प्रवक्ता

- इस तरह की भाषा वही बोलते हैं, जिनके अंदर अहंकार होता है। ऐसे व्यक्ति को जनता कभी अपना नेता नहीं चुनेगी। यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि गुजरात दंगे का दोषी कौन है। वह चाहे जिस भी पद पर हो उसे सजा मिलनी चाहिए।- नरेश अग्रवाल, सपा नेता

- मोदी गुजरात में हुए नरसंहार को न्यायोचित ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां जो कुछ भी हुआ वह संविधान के साथ ही मानवता के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ था।- बृंदा करात, माकपा नेता

- मोदी का यह बयान लोगों को धोखा देने और भारतीय समाज की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास है।- डी. राजा, भाकपा नेता

- मोदी लोगों को बरगलाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। दंगे के समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उनके शासनकाल में वहां जो कुछ भी हुआ उसकी जिम्मेदारी से वे बच नहीं सकते।- एबी बर्धन, भाकपा नेता

हां, मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं: मोदी
मोदी ने कहा है कि मैं राष्ट्रवादी हूं, मैं देशभक्त हूं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा है कि मैं हिंदू पैदा हुआ हूं। इसलिए मैं हिंदू राष्ट्रवादी हूं और यह भी गुनाह नहीं है।
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