अपनी पुस्तक के जरिए बड़ा विवाद खड़ा करने वाले पूर्व कैग विनोद राय ने मंगलवार को कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से उनकी व्यक्तिगत कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन सरकार का मुखिया रहने के कारण उन्हें प्रशंसा के साथ दोषों को भी स्वीकारना होगा।
पूर्व कैग ने कहा कि मनमोहन सिंह की इस बात के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए कि कोयला ब्लाक आवंटन में अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नए सिरे से नीलामी के आदेश दिए।
हालांकि सरकार का प्रमुख होने के बाद भी कुछ फैसलों पर उनका जोर नहीं था और कामनवेल्थ घोटालों के लिए उन्हें सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उदाहरण के रूप में कैग प्रमुख ने कहा कि हमारी टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई जहां टेस्ट मैचों में टीम का प्रदर्शन बुरा रहा, लेकिन क्या सारा जिम्मा कप्तान का नहीं बनता?