हैदराबाद युनिवर्सिटी ने अपना वह फैसला तत्काल प्रभाव से वापस ले
लिया है जिसमें पीएचडी के पांच छात्रों को निष्काषित किया गया था। इनमें
रोहित भी शामिल था। युनिवर्सिटी की ओर से जारी बयान में छात्रों से यह भी अपील किया गया कि वे परिसर में शांति बनाए रखें।
गौरतलब है कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने पांच छात्रों को एबीवीपी के एक नेता के साथ मारपीट करने के आरोप में निष्काषित कर दिया था। इस विवाद ने उस वक्त बड़ा रूख अख्तियार कर लिया जब उन निष्काषित छात्रों में से एक रोहित वेमुला ने रविवार को आत्महत्या कर ली। रोहित के आत्महत्या के बाद सभी दलित संगठन और राजनीतिक पार्टिओं की नेताओं ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करने लगे।
रोहित के आत्महत्या के विरोध में गुरुवार को युनिवर्सिटी के 10 दलित अध्यापकों समेत 13 लोगों ने इस्तीफा भी दे दिया। उनका यह इस्तीफा बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के दिए बयान के बाद आया। जिसके बाद विश्वविद्यालय के कई एसी/एसटी अध्यापकों ने सभी प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे दिया है।