हैदराबाद ब्लास्ट के 24 घंटे बाद भी पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि इस वारदात को किसने अंजाम दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसे शुरुआती स्तर पर कुछ जानकारियां मिली है लेकिन इसे बताया नहीं जा सकता।
साइब्राबाद के पुलिस कमिश्नर डी तिरुमला राव ने कहा कि हम जल्द पता लेंगे कि ये धमाके किसने किए। हमें जो जानकारियां मिली है उसे साझा नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे जांच पर असर पड़ेगा।
चार दिन पहले काटे थे CCTV के तार
सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने इस हमले को अंजाम देने के लिए सुनियोजित तरीके तैयारी की। दिलसुख नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार चार दिन पहले ही काट दिए गए थे। जबकि इससे पहले बताया जा रहा था कि उस इलाके के सीसीटीवी कैमरे खराब थे।
आतंकी हमले की सूचना और एलर्ट के बाद भी हैदराबाद में सुरक्षा लचर रही, इस खुलासे से पुलिस की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
ब्लास्ट के तार जोड़ने स्पेशल सेल पहुंची तिहाड़
हैदराबाद ब्लास्ट के बाद देश की सुरक्षा और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी इंडियन मुजाहिद्दीन के कथित आतंकी सैय्यद मकबूल और एक अन्य आतंकी से पूछताछ करने के लिए तिहाड़ की जेल संख्या एक में पहुंचे। दोनों से तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई।
पूछताछ में कुछ अहम जानकारी भी मिली है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हैदराबाद ब्लास्ट की पृष्ठभूमि के अलावा कुछ अन्य जगहों पर हुए ब्लास्ट के बारे में भी दोनों से पूछताछ की गई। इस मामले में पुलिस अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सेल के अधिकारियों ने तिहाड़ में इस बात की भी पड़ताल की कि पिछले कुछ दिनों में आरोपियों से मिलने-मिलने कौन-कौन आया है और मिलने का मकसद क्या था। दोनों से पूछा गया कि हैदराबाद ब्लास्ट की जानकारी अथवा आशंका थी या नहीं? संभव है कि दोनों आरोपियों से दुबारा पूछताछ की जाए।
उल्लेखनीय है कि अक्तूबर, 2012 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंडियन मुजाहिद्दीन के कथित सैय्यद मकबूल को गिरफ्तार किया था। मकबूल पर पुणे ब्लास्ट के अलावा कई अन्य जघन्य वारदातों में शामिल होने का आरोप है।