दलितों की तीन कॉलोनियों को आग के हवाले करने के मामले में पुलिस ने 92 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक दलित लड़के से शादी करने के बाद ऊंची जाति की लड़की के पिता ने आत्महत्या कर ली थी। इससे गुस्साए लोगों ने दलितों की तीन कालोनियों की करीब 268 झोपड़ियों को आग के हवाले कर दिया था।
इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था क्योंकि लोग पड़ोस के इलाके में भागने में सफल रहे थे। इस कारण पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब हालात सामान्य होते जा रहे हैं। बुधवार देर रात भीड़ ने सबसे पहले लड़के के गांव नाथव को निशाना बनाया और उसके बाद कोंडानपट्टी और अन्ना नगर को भी पेट्रोल बम फेंककर आग के हवाले कर दिया था।
प्रेमी युगल ने 14 अक्तूबर को शादी कर ली थी। संजय कुमार, डीआईजी (सालेम) ने कहा कि इस मामले में अब तक 92 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब हालात सामान्य है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है।
इसी मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले की पूरी जानकारी और जांच की प्रक्रिया का शपथपत्र दायर करने का निर्देश दिया है। स्थानीय कलेक्टर लिली ने भी भरोसा दिलाया कि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है और प्रशासन ने गांव वालों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के पूरे इंतजाम कर दिए हैं। ग्रामीणों को राशन कार्ड भी मुहैया कराए जाएंगे।