बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पत्नी से प्रताड़ित पति को राहत देते हुए उसे फ्लैट के एक बेडरूम में रहने की इजाजत दे दी है।
पति का आरोप था कि पत्नी ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित कर घर से जाने को मजबूर कर दिया था। पति छह साल से होटल में रह रहा था।
कोर्ट ने पति को अपार्टमेंट के एक रूम में रहने की इजाजत दी है। बांद्रा के इस अपार्टमेंट के दूसरे कमरे में उसकी पत्नी रहेगी।
कोर्ट ने पत्नी को अपार्टमेंट की डुप्लीकेट चाबी पति को दो हफ्ते के अंदर सौंपने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने पति और पत्नी को निर्देश दिया है कि दोनों एक दूसरे की जिंदगी और संपत्ति में कोई दखलअंदाजी नहीं करेंगे।
पत्नी ने कोर्ट के इस फैसले पर स्टे लगाने की अर्जी दी थी जो खारिज कर दी गई।
पति के अनुसार, 2007 में उसकी पत्नी और रिश्तेदारों ने प्रताड़ित कर घर छोड़ने पर मजबूर किया। लौटने पर उसे घर में घुसने नहीं दिया जाता था। वह फ्लैट में घुसने की कोशिश करता था तो उस पर पत्नी हमला कर देती थी। उसे 2007 से होटल में रहना पड़ रहा है।
पत्नी ने पति के आरोपों से इनकार किया और कहा कि फ्लैट में उसके भाई या रिश्तेदार नहीं रहते हैं। उसने कहा कि सिर्फ उसकी मां उसके साथ रहती है।