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जानिए गणित को, सदन में कैसे जीत सकती है सरकार

Fri, 07 Dec 2012 07:37 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
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राज्यसभा में रिटेल में एफडीआई पर बहस के बाद होने वाली वोटिंग से पहले बृहस्पतिवार को बसपा ने ऐलान कर दिया कि वह यूपीए सरकार के पक्ष में मतदान करेगी। इससे पूर्व लोकसभा में बसपा और सपा ने वॉकआउट करके सरकार की नैया पार लगाई थी। राज्यसभा में बसपा के 15 सांसद हैं। फिलहाल राज्यसभा में बहस जारी है। आईए, सरकार के इस गणित को समझते हैं किस तरह लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी सरकार वोटिंग में जीत हासिल कर सकती है।
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- राज्यसभा में सांसदों की वर्तमान संख्या : 244
- यूपीए के सदस्य : 87
- एनडीए के सदस्य : 69
- मायावती ने साफ कहा है कि बसपा सरकार को वोट देगी
- सपा (नौ सदस्य) ने पत्ते नहीं खोले, वॉकआउट संभव
- सपा के वॉकआउट पर बहुमत होगा 118 वोटों पर
- यूपीए (87), बसपा (15), मनोनीत (9), निर्दलीय (5) और अन्य (7) मिलाकर कुल 123 सदस्य
- परिणाम : सरकार की जीत

सदन के तीसरे दिन, किसने क्या कहा
अंगूर खट्टे-खिसियानी बिल्ली
सुषमा स्वराज ने हमारी पार्टी के बारे में लोकसभा में जो कहा हम उसकी घोर निंदा करते हैं। जब भी हम विपक्ष के खिलाफ वोट करते हैं वे सीबीआई की बात उछालते हैं। लोकसभा में उनका प्रस्ताव गिर गया इसलिए वह ऐसी बात कर रहे हैं। खिसियानी बिल्ली खंभा नोचती है। अंगूर खट्टे होने की बात भी उन पर चरितार्थ होती है।- मायावती

बसपा-भाजपा नोकझोंक
भाजपा के वैंकेया नायडू के भाषण के दौरान बसपा के साथ उनकी खूब नोकझोंक हुई। नायडू ने अपनी बातों से बसपा और कांग्रेस के नेताओं को काफी नाराज किया। पहले उन्होंने बसपा को कांग्रेस का सहयोगी बताया तो बसपा नेता भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह गलत है। इस पर नायडू ने कहा कि वह खुश हैं कि बसपा नेता सफाई दे रहे हैं। लेकिन उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि वे अगर कांग्रेस के सहयोगी नहीं हैं तो फिर उनका कांग्रेस से रिश्ता क्या है? इसके बाद नायडू ने कांग्रेस की एक महिला नेता को ‘बेवकूफ’ कह दिया, जिससे अच्छा खासा हंगामा खड़ा हो गया। हालांकि बाद में उन्होंने नेता से व्यक्तिगत रूप से और सदन से भी माफी मांगी। उन्होंने कहा कि गुस्से में उनके मुंह से यह शब्द निकल गया।
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असमर्थ सरकार
सरकार दूसरों की बैसाखी पर टिकी है। वह अपने पैरों पर खड़ी होने में असमर्थ है। लोकसभा में कल यह साबित हो गया। उनके पास बहुमत से 18 सदस्य कम थे। ऐसी सरकार अपने प्रयासों से नहीं चल सकती। जब भी यह होता है, कोई भी सरकार हो उसे समझौते करने पड़ते हैं। कीमत चुकानी पड़ती है।- अरुण जेटली, राज्यसभा में विपक्ष के नेता

समय आने पर फैसला
फिलहाल हम इतना ही कह सकते हैं कि किसी भी सूरत में सरकार के पक्ष में वोटिंग नही करेंगे। शुक्रवार को जब वोटिंग का समय आएगा तब हमारी पार्टी के उच्च सदन के सदस्य यह तय करेंगे कि क्या करना है।- नरेश अग्रवाल, सपा नेता
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