साकेत कोर्ट में जैसे ही चारों आरोपियों को दोषी करार दिया, विनय फूट-फूट कर रोने लगा। बाकी तीन आरोपियों के चेहरे की हवाईयां उड़ गईं। फैसले के बाद जितनी देर वे अदालत में रहे आंखों में आंसू भरे रहे।
अभी तक अदालती सुनवाई के दौरान बार-बार अदालत से फल और जूस की मांग करने वाला और अपनी करतूत से सबका ध्यान अपनी ओर खींचने वाला विनय मंगलवार को सबसे ज्यादा परेशान दिखा।
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सभी का ध्यान उसी ओर था, क्योंकि जैसे ही फैसला आया उसने रोना शुरू कर दिया। अदालत में कोई भी उसके करीब मौजूद नहीं था, जो उसे ढांढस बंधाता।
विनय को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे उसने मान लिया हो कि अब सब कुछ खत्म हो गया।
जब मुकेश को अदालत ने दोषी करार दिया तो वह अवाक रह गया। मुकेश ही वह दोषी है जिसने अदालत में यह स्वीकार किया था कि बस में सभी आरोपी थे और घटना को अंजाम दिया, लेकिन वह सिर्फ बस चला रहा था।
उसे अभी तक लग रहा था कि उसके इस बयान को उसे लाभ मिलेगा और वह अदालत में दोषी करार नहीं दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अक्षय और पवन के चेहरे पर भी खौफ झलका। फैसले के बाद ये दोनों चुपचाप जज को निहारते रहे। जज और वकील के बीच हो रही बातचीत को सुनते रहे। फैसले के बाद अदालती प्रक्रिया पर भी इनकी नजरें थीं, लेकिन आंखों में खौफ और चेहरे पर उदासी साफ नजर आ रही थी।