बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन और उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन की ओर से भारतीय ध्वज के अपमान के मसले पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख जाहिर किया है।
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को दोबारा निर्देश जारी कर कहा है कि इस मसले पर कदम उठाकर हमें सूचित करें।
गृहमंत्रालय का सख्त रुख
मंत्रालय ने क्रिकेट विश्व कप-2011 के दौरान तिरंगे के अपमान की घटना की शिकायत पर गत वर्ष महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को उचित कदम उठाने को कहा था। लेकिन राज्य सरकार की हीला-हवाली के चलते मंत्रालय ने दूसरी बार में सख्त निर्देश जारी किया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति भवन ने दोनों फिल्मी सितारों के इस व्यवहार के खिलाफ मिली शिकायत पर गौर करने को कहा था। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति भी मौजूद थे।
जहां तिरंगे के अपमान की घटना हुई थी।
वानखेड़े में किया था अपमान
गत वर्ष गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को भेजे निर्देश में कहा था कि अप्रैल, 2011 में प्राप्त तिरंगे के अपमान की शिकायत गंभीर मसला है।
इस पर राज्य सरकार गौर करे और उचित कार्रवाई करके शिकायतकर्ता डॉ. राजीव कुमार गुप्ता को उठाए गए कदम के बारे में सूचित करे।
लेकिन शिकायतकर्ता को राज्य सरकार ने कार्रवाई के संबंध में पांच माह बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। इसकी सूचना मिलने पर केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य सरकार से कहा कि इस मसले पर कदम उठाकर शिकायतकर्ता से साथ मंत्रालय को भी सूचित करें।
महाराष्ट्र सरकार पर बढ़ा दबाव
शिकायत 5 अप्रैल, 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को भेजी गई थी, जिसे उनकी ओर से 18 अप्रैल, 2011 को गृह मंत्रालय को भेज दिया गया।
क्या है मामला
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच के दौरान तिरंगे के अपमान की घटना हुई थी। अप्रैल, 2011 में इसकी शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता डॉ. राजीव कुमार गुप्ता कह चुके हैं कि यदि महाराष्ट्र सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करती है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।