होली की मस्ती से दक्षिण अफ्रीका का शहर डरबन भी अछूता नहीं है। दक्षिण अफ्रीका में तो इसकी शुरुआत इस महीने के पहले सप्ताह से ही हो गई है। बुधवार को भी भारतीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक ढंग से होली मनाने की पूरी तैयारी कर ली है।
यहां रह रहे करीब आठ लाख भारतीय अन्य त्योहारों की तरह होली भी रंग गुलाल के साथ मनाते हैं। यह अलग बात है कि यहां भारत की तरह वसंत का फागुनी माहौल नहीं, बल्कि सावन की झड़ी लगी हुई है।
सुबह से ही लगातार रिमझिम फुहारें मौसम को सुहाना बना रही हैं। ऐसे लाजवाब माहौल में होली खेलना काफी दिलचस्प होगा। भारतीय मूल के पत्रकार यश मल्होत्रा ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि हम लोग पूजा के साथ होली की शुरुआत करते हैं।
जुलू नताल के सप्ताह मंदिर में बुधवार शाम होलिका दहन का आयोजन होगा जिसमें पूजा, आरती (थार) के बाद होलिका जलेगी। आमतौर पर यहां लोग रविवार को होली मनाते हैं। गौतेंग प्रांत में इंडिया क्लब ने रविवार को अर्नेस्ट उलमा पार्क में धूमधाम से होली मनाई। इसी तरह कई और आयोजन होंगे।
पहली बार दक्षिण अफ्र्रीका में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने होली का व्यावसायिक ढंग से आयोजन शुरू किया है। इसका पहला आयोजन 2 मार्च को केपटाउन में हुआ जिसमें करीब दस हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। इसमें कॉर्नफ्लोर से तैयार तरह-तरह के रंगों से केप टाउन का आसमान रंग गया।
इसमें 18 साल से कम उम्र के युवाओं के आने की मनाही थी। अगला आयोजन जोहानिसबर्ग में 6 अप्रैल को होने वाला है। उसके बाद यहां डरबन में भी इसी तरह का आयोजन होगा। इसके लिए फीस देकर लोगों ने बाकायदा बुकिंग कराई। लोगों का उत्साह इतना है कि पहले आयोजन में शुरुआत में ही टिकट खत्म हो गए।