एक पीएसयू में काम करने वाली महिला अधिकारी की आवाज सोनिया गांधी से बेहद मेल खाती थी, सो उसने सोनिया गांधी बनकर ही फोन कर दिया। और सरकारी गलियारों में बवाल हो गया।
इस कॉल को देश के अटॉर्नी जनरल ने वास्तव में सोनिया की कॉल समझा और उन्हें लगा कि मैडम वाकई नाराज हैं। मामले में सीबीआई ने अनौपचारिक जांच की और अब पुलिस ने फर्जी कॉल पर दर्ज की गई शिकायत पर औपचारिक जांच बैठा दी है।
ईटी की खबर के मुताबिक गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने फर्जी कॉल की पुष्टि की है और यह मामला गृह मंत्रालय को भेजा गया है। इससे ज्यादा ब्योरा नहीं दिया।
चुप्पी साधे हैं अफसर, नेता
कोई भी अधिकारी और नेता ऑन-रिकॉर्ड कुछ कहने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और जांच जारी है। अटॉर्नी जनरल गुलाम ई वाहनवती और कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने भी टिप्पणी से इनकार कर दिया।
पुलिस को शक है कि फर्जी कॉल करने वाली महिला लॉ ऑफिसर हो सकती है और इस मामले में कोई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी शामिल हो सकता है, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।
वाहनवती को इस महीने की शुरुआत से कॉल मिलनी शुरू हुई, जिसमें शख्स का दावा था कि वह सोनिया के दफ्तर से बोल रहा है। उस वक्त सोनिया मेडिकल जांच के लिए अमेरिका में थीं।
वाहनवती को आई फर्जी कॉल
इसके कुछ देर बाद वाहनवती को एक और कॉल मिली, जिसमें आवाज पुलिस अधिकारी के मुताबिक हूबहू सोनिया गांधी जैसी थी। सीबीआई और पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक यह महिला पीएसयू में काम करती है।
दिल्ली के सत्ता गलियारों में कुछ अधिकारियों और नेताओं का कहना है कि कॉलर ऐसी महिला के रूप में विख्यात है, जो देश की सबसे ताकतवर महिला सोनिया गांधी की आवाज की नकल कर सकती है।
फर्जी कॉलर ने सोनिया बनकर अटॉर्नी जनरल से कहा कि उन्हें अब कम जिम्मेदारी लेनी चाहिए और लो-प्रोफाइल रहना चाहिए।
महिला ने ऐसा भी अंदाजा दिया कि वह वाहनवती के काम से खुश नहीं हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।