दशकों तक देश घड़ी बाजार में दबदबा रखने वाली एचएमडी घड़ियों के तीन कारखाने आखिरकार अब बंद होने वाले हैं। इसके साथ ही ‘देश की धड़कन’ के रूप में जाने वाले एक दमदार ब्रांड के एक युग का समापन होने वाला है।
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएमटी की लगातार घाटे में चल रही तीन इकाइयों को बंद करने का फैसला किया है। बंद की जाने वाली इन तीन यूनिटों में एचएमटी वॉचेज, एचएमटी चिनार वॉचेज और एचएमटी बेयरिंग्स शामिल हैं।
बंद की जाने वाली इन तीनों इकाइयों के कर्मचारियों को वर्ष 2007 के वेतनमान के अनुरूप स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का विकल्प दिया गया है।एचएमटी की घाटा उठा रही इन यूनिटों की बंदी का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) की बैठक में लिया गया।
इसे लेकर जारी किए गए आधिकारिक वक्तव्य के मुताबिक एचएमटी की घाटे वाली इन तीनों इकाइयों की बंदी के लिए 427.48 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इस राशि का इस्तेमाल इन इकाइयों में कार्यरत करीब एक हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना और स्वैच्छिक विभक्तिकरण योजना (वीएसएस) की राशि देने और उनकी बकाया राशि के भुगतान में किया जाएगा।
बंद की जाने वाली एचएमटी की इन तीनों ही इकाइयों की सभी चल-अचल संपत्तियों का निस्तारण सरकारी नीतियों के अनुरूप किया जाएगा।