जाली भारतीय मुद्रा को बाजार में जारी करने और जम्मू-कश्मीर के महत्वपूर्ण संस्थानों की जासूसी कर देश के बाहर सूचनाएं भेजने के आरोप में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इस बारे में जेसीपी (अपराध) हिमांशु राय ने मंगलवार को बताया कि फारूक नाइकू और मोहम्मद तालुकदार को नकली भारतीय रुपयों के साथ 16 जनवरी को दक्षिण मुंबई के एक गेस्ट हाउस से पकड़ा गया है। इन दोनों को अदालत के सामने पेश किया गया जहां 23 जनवरी तक के लिए इन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान फारूक ने बताया कि वह पाक अधिकृत कश्मीर के आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य है तथा जम्मू-कश्मीर में मुख्य रूप से गतिविधियां चलाता है। वह बारामूला का रहने वाला है और पिछले डेढ़ साल से मेवे के कारोबारी के रूप में नवी मुंबई में रह रहा था। यह दोनों नकली करेंसी और मादक पदार्थों के कारोबार में सक्रिय रूप से संलग्न थे।
पुलिस के मुताबिक फारूक फोटोग्राफी, कंप्यूटर संचालन और संचार माध्यमों का जानकार है। उसने जम्मू-कश्मीर के अनेक महत्वपूर्ण संस्थानों के फोटो खींचे हैं। वह 2001 से लेकर अब तक अनेक बार बाघा सीमा से पाकिस्तान गया है। आधिकारिक रूप से उसने तीन बार भारत-पाक सीमा को पार किया है। वह हिज्बुल मुजाहिदीन के नेताओं के संपर्क में था।