स्पेन में दुनिया का पहला गर्भनाल स्टेम सेल के जरिये एचआईवी के इलाज का क्लीनिकल परीक्षण किया जाएगा। विश्व में यह अपनी तरह का पहला क्लीनिकल ट्रायल है जो ‘द बर्लिन पेशेंट’ के नाम से मशहूर व्यक्ति टिमोथी रे ब्राउन की तरफ सफलता को दोहराना चाहता है।
ब्राउन एचआईवी के पूरी तरह इलाज के बाद इकलौता जीवित आदमी है। इस क्लीनिकल परीक्षण की घोषणा पिछले सप्ताह स्पेन के नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ ट्रांसप्लांटेशन (ओएनटी) की तरफ से वेलेंसिया के हेमेटोलॉजी कॉन्फ्रेंस में की गई थी।
‘द लोकल’ की रिपोर्ट के अनुसार ओएनटी ने 157 डोनर्स को परीक्षण के लिए चुना है, जो आनुवंशिक उत्परिवर्तन में सहयोग देंगे। डॉक्टरों को उम्मीद है कि पहले रोगी का इलाज दिसंबर और जनवरी के बीच मैड्रिड में शुरू हो जाएगा।