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'घर वापसी' का रेट, मुस्लिमों का 5 लाख, ईसाइयों का 2 लाख

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठन धर्म जागरण समिति ने मुस्लिमों और ईसाइयों का धर्मांतरण कराने के लिए चंदा मांगा है।
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समिति की पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शाखा ने एक पर्चा बांटा, जिसमें धर्मांतरण कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सहयोग करने की अपील की गई है। पर्चे में ये तक बताया गया है कि एक मुस्लिम का धर्मांतरण कराने के लिए कितनी रुपयों की आवश्यकता है और एक ईसाई का धर्मांतरण करने के लिए कितने?

समिति के ही क्षेत्र प्रमुख राजेश्वर सिंह के नाम से पत्र की शक्ल में जारी पर्चे में कहा गया है कि घर वापसी के प्रयासों के जरिए 20 जिलों में 40 हजार लोगों को हिंदू धर्म में वापस लाया गया है, जिसमें दो हजार मुस्लिम शामिल हैं। पर्चे में कहा गया है कि संगठन की योजना 2014 में एक लाख मुस्लिमों और ईसाइयों को हिंदू धर्म में शामिल करने की है।
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मुस्लिमों और ईसाइयों का धर्मांतरण कराने प्रक्रिया को 'घर वापसी' का नाम दिया गया है। उल्लेखनीय है कि संघ और उसके सहयोगी संगठन मुस्लिमों और ईसाइयों के धर्मांतरण को 'घर वापसी' अथवा परावर्तन का नाम दे रहे हैं।

ऐसे संगठनों का दावा है कि मुस्लिमों और ईसाइयों का जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया गया है, ये सभी पूर्व में हिंदू थे।

'मुस्लिम समस्या' और 'ईसाई समस्या'

धर्म जागरण समिति ने पर्चे में कहा है कि मुस्लिम के धर्म परिवर्तन के लिए पांच लाख रुपए की आवश्यकता है और एक ईसाई के लिए दो लाख की। पर्चे में मुस्लिमों और ईसाइयों के धर्मांतरण को 'मुस्लिम समस्या' और 'ईसाई समस्या' कहा गया है।

समिति ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि हर एक कार्यकर्ता कम से कम एक कार्यक्रम का खर्च जुटाए और कम से कम एक पूर्णकालिक कार्यकर्ता संगठन से अवश्य जोड़े। उल्लेखनीय है कि संघ के सहयोगी संगठनों ने आगरा के बाद अलीगढ़ में भी धर्मांतरण का कार्यक्रम रखा है।

एक अंग्रेजी अखबार ने संघ के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी धर्मांतरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ‌पिछले वर्ष दंगों से प्रभावित रहे मुजफ्फरनगर में भी धर्मांतरण कराए जाने की योजना है।
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जनवरी में विहिप का विशाल कार्यक्रम

आगरा में हुए धर्म परिवर्तन को तूल दिए जाने के पर आरएसएस ने सफाई दी है। संघ ने एक बयान में कहा है कि आर्य समाज जैसे संगठन भटके हुए लोगों के घर वापसी कार्य करते रहे हैं।

आरएसएस के पदाधिकारियों ने कहा है कि आगरा के मसले को मीडिया बेजा तवज्जो दे रही है। व‌िश्व हिंदू परिषद ने अगले वर्ष 18 जनवरी को लखनऊ में एक कार्यक्रम रखा है।

विहिप के अधिकारियों का कहना है कि संगठन के पचास वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम का अयोजन किया जा रहा है, जबकि सूत्रों का कहना है कि संघ परिवार के कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया है कि कार्यक्रम उन लोगों को शामिल करें, जिन्होंने पिछले 50 सालों में धर्म परिवर्तन किया है और उनकी घर वापसी कराई जाए।
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