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मुस्लिम बीड़ी निर्माताओं के ब्रांड हिंदू देवी-देवता

Fri, 13 Mar 2015 08:37 AM IST
अखिलेश शर्मा/अमर उजाला, अमरोहा
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देशभर में बीड़ी बनाने के लिए मशहूर अमरोहा कौमी एकता की मिसाल है। डेढ़ सौ से अधिक ब्रांडों में मुस्लिम बीड़ी निर्माताओं के कई ब्रांड हिंदू देवी-देवताओं जैसे राधा, कृष्णा, लक्ष्मी, शंकर आदि भी हैं।
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कौमी एकता के साथ ही इसके पीछे कहीं न कहीं बिजनेस का फंडा भी माना जा रहा है। प्रतिमाह करोड़ों का बीड़ी कारोबार अमरोहा से होता है। देश के कई राज्यों के अलावा नेपाल तक अमरोहा से बीड़ी बिकने जाती है।

अमरोहा जनपद के नौगावां सादात उपनगर में ही सौ के आसपास बीड़ी ब्रांड तैयार होते हैं। बाकी ब्रांड अमरोहा नगर में भी बनते हैं। इनमें राधा बीड़ी, कृष्णा बीड़ी, लक्ष्मी बीड़ी, शंकरबीड़ी, दाता और चांद तारा आदि नाम भी जुड़े हैं। हालांकि बीड़ी निर्माता इसे कौमी एकता का प्रतीक बताते हैं, और कहते हैं कि बीस साल से अधिक से वह इन ब्रांडों की बीड़ी बाजार में उतार रहे हैं। देश के कई राज्यों में इन ब्रांडों की बेहद मांग है। यहां तक कि देवी-देवताओं के ब्रांड नाम की बीड़ी नेपाल में भी खूब पसंद की जाती है।
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बीड़ी निर्माता इसे कौमी एकता का मिसाल जरूर ठहराते हैं, लेकिन इसके पीछे बिजनेस का फंडा जरूर है। क्योंकि इन देवी-देवताओं के नाम से समुदाय विशेष के लोगों को रिझाया जा रहा है।

क्या कहते हैं बीड़ी कारोबारी

कृष्णा ब्रांड बीड़ी के निर्माता हाजी कल्लन ने कहा कि हम बहुत समय से कृष्णा बीड़ी निकाल रहे हैं। हमारी बीड़ी खूब पसंद की जाती है। कृष्णा ब्रांड नाम रखने पर हमें कोई दिक्कत नहीं आई। हमारा ब्रांड एक पहचान बन चुका है।

राधा बीड़ी के प्रबंधक गुलाम अब्बास ने बताया कि राधा ब्रांड पिछले 40 साल से अधिक से निकल रहा है। अलीगढ़, बुलंदशहर, मथुरा इलाके में यह अपनी पहचान है। इस ब्रांड को बहुत पसंद किया जा रहा है।

लक्ष्मी बीड़ी के मोहम्मद इरफान ने कहा कि हमारा ब्रांड 1987 से चल रहा है। मार्केट में ब्रांड की जबरदस्त मांग है और समाज में कोई दिक्कत नहीं है। सभी हाथोंहाथ ले रहे हैं।
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प्रतिमाह करोड़ों का टर्न ओवर

अमरोहा से प्रतिमाह बीड़ी का करोड़ों का टर्न ओवर है। डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर जेके दीक्षित का कहना है कि बीड़ी कारोबारी दो तरह से उनके यहां पंजीकृत हैं। एक निर्माता हैं जोकि तेंदु पत्ता लाकर बीड़ी का निर्माण करते हैं। इनकी संख्या दो दर्जन से अधिक है। दूसरे होल सेलर के रूप में हैं।

एक माह में एक करोड़ से अधिक का कारोबार करने वालों को प्रतिमाह टैक्स अदा करना होता है। एक करोड़ से कम कारोबार वाले तीन माह बाद टैक्स अदा करते हैं। इस तरह वाणिज्यकर अफसरों के अनुमान के मुताबिक प्रतिमाह पचास करोड़ से अधिक का बीड़ी कारोबार अमरोहा से है।  

घर-घर होता है बीड़ी निर्माण
नौगावां सादात उपनगर और अमरोहा नगर के कुछ मोहल्लों में बीड़ी बनाने का काम घर-घर होता है। निर्माताओं के कर्मचारी चुनिंदा घरों में जाकर तंबाकू और तेंदू पत्ता पहुंचाते हैं और बीड़ी बनवाते हैं। बाद में इसे बंडलों में पैक करके बाहर भेजा जाता है। बीड़ी बनाने वालों को प्रति हजार 102 रुपये दिए जाते हैं। कुटीर उद्योग के रूप में इस धंधे से हजारों परिवार जुड़े हुए हैं। बीड़ी बनाने का पत्ता मध्य प्रदेश से यहां आता है।
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