हाईकोर्ट ने बालू और पत्थर खनन में हो रही व्यापक धांधली को देखते हुए पूरे प्रदेश में नए खनन पट्टे जारी करने पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है।
अनियमित खनन से पर्यावरण को हो रहे जबरदस्त नुकसान पर चिंता जाहिर करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 31 मई 2015 के बाद पट्टे के लिए दी गई कोई भी अर्जी स्वीकार न की जाए।
इस अवधि में यदि कोई पट्टा दिया गया है तो वह निरस्त माना जाएगा। 31 मई से पूर्व जो पट्टे दिए जा चुके हैं, उनमें खनन होगा मगर अवधि समाप्त होने के बाद उनका भी नवीनीकरण नहीं किया जा सकेगा।