लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित लोअर सबॉर्डिनेट परीक्षा 2013 का मामला भी हाईकोर्ट पहुंच गया है।
चार सत्रों की रिक्तियों का विज्ञापन एक साथ जारी होने से परीक्षा से बाहर हो गए अभ्यर्थियों ने आयुसीमा में छूट देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
हाईकोर्ट ने इस पर आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने सत्र 2010, 2011 और 2012 को शून्य घोषित करते हुए इन सत्रों की रिक्तियों सहित सत्र 2013 का विज्ञापन एक साथ जारी कर दिया है।
इससे तमाम ऐसे अभ्यर्थी जो सत्र 2010 में परीक्षा देने के लिए अर्ह थे अब ओवरएज होने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अभ्यर्थियों ने आयुसीमा में छूट देने की मांग उठाई है।
शमीम अहमद और अन्य की ओर से याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता अनवार हुसैन का कहना है कि आयोग ने 19 अगस्त 2013 को सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य चयन) के 1200 पदों का विज्ञापननिकाला।
इसमें सामान्य, पिछड़ा तथा अनुसूचित जाति के लिए आयु सीमा क्रमश: 40, 45 और 45 वर्ष निर्धारित की गई।
आयोग के आयु सीमा में छूट नियमावली 1992 के अनुसार राज्यपाल किसी व्यक्तिगत अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के वर्ग के संबंध में आयुसीमा में छूट प्रदान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकतम आयु सीमा की गणना एक जुलाई 2010 को की जानी चाहिए जिससे वह लोग भी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे जो 2010 में परीक्षा आयोजित होने पर अर्ह होते। जबकि विज्ञापन में आयुसीमा की गणना की अपर लिमिट एक जुलाई 2013 दी गई है।
लोअर सबॉर्डिनेट परीक्षा में आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 21 सितंबर है इसे देखते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने आयोग और राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।