भारत में लापता हुई एक पाकिस्तानी लड़की पर केंद्रित सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान बॉक्स ऑफिस पर भले ही धमाल मचा रही हो, और भारत-पाकिस्तान में यह फिल्म लोगों के दिलों को छू रही हो लेकिन असल जिंदगी से मेल खाती फिल्म की एक सच्ची कहानी है।
इस कहानी में भी सलमान है जो कि 22 साल पहले अपनी मां के साथ पाकिस्तान के करांची गया और अब तक वापस नहीं आया। अलीगढ़ के जयंगज में पैदा हुए 24 साल के सलमान और उनकी मां को अब ऐसे ही बजरंगी भाईजान की जरूरत है, जो सलमान की मां सलमा को उनका बेटा लौटा सके।
टाईम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बजरंगी भाईजान की तरह ही सलमान की मां सलमा के हाथों में दो तस्वीरें रहती हैं। इन दोनों तस्वीरों में से एक 1993 में भारत में ली गई है और दूसरी पाकिस्तान में। पहली तस्वीर में उनका बेटा अपनी मां सलमा की गोद में बैठा है तो दूसरी तस्वीर में वह कुछ बड़ा हो गया है।
24 साल पहले यहां से शुरू होती है कहानी
इस रियल लाईफ की कहानी 1994 से शुरू होती है जब अलीगढ़ जयगंज की सलमा अपने दो बेटों को साथ लेकर अपने मायके पाकिस्तान के शहर करांची जाती है। सलमा नूरी वीजा पर पाकिस्तान जाती है।
कानून के तहत नूरी वीजा उन महिलाओं को दिया जाता है जिनकी शादी भारत में भारतीय पुरूषों से हुई रहती है, और इस वीजा पर भारत में ब्याही महिला अधिकतम 90 दिनों तक अपने मायके में रह सकती है।
1994 में जब सलमा अपने दो बेटों के साथ पाकिस्तान गई तो वापसी में उनके साथ उनका दूसरा बेटा सलमान नहीं लौट पाया। सलमा का कहना है कि मजबूरन उन्हें अपने एक बेटे सलमान को पाकिस्तान में ही छोड़ना पड़ा, क्यों कि उन दिनों उसकी तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। वे बताती हैं कि उस हालात में वे न तो 90 दिनों के वीजा को बढ़ा पाई और न ही बेटे के ईलाज के लिए मायके में रूक पाईं।
भारत लौटना चाहता है सलमान
सलमा ने बताया कि पाकिस्तान में नाना-नानी ने बेटे सलमान का बेहतर ख्याल रखा। उनकी बांझ बहन ने बाद में सलमान को अनौपचारिक रूप से गोद ले लिया।
लेकिन अब दो दशक के बाद सलमा के पिता यानि कि सलमान के नाना का देहावसान हो चुका है। कहती हैं कि उनकी अम्मी की सेहत भी कुछ ठीक नहीं रहती है, उनका बेटा सलमान अपने वतन लौटना चाहता है। वह खुद पाकिस्तान में नही रहना चाहता है, और न ही वहां कुछ काम करना चाहता है।
सलमा बताती हैं कि उन्होंने अपने बेटे को लाने की तमाम कोशिशें की। उनके परिवार ने 23 मार्च 2013 को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कार्यालय को पत्र लिखा।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से भी बेटे को भारत लाने की की गुहार लगाई। हर संभव दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कुछ भी नहीं हो पाया।
'कैसे साबित करें कि बेटा हिंदुस्तानी है या पाकिस्तानी'
सलमा कहती हैं कि उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिससे यह साबित होता हो कि उनका बेटा सलमान हिंदुस्तानी है या पाकिस्तानी।
तो वहीं पाकिस्तान कहता है कि सलमान के पिता के पास हिंदुस्तानी पासपोर्ट था, इसलिए वह तकनीकी रूप से पाकिस्तानी है और भारत कहता है कि वह 22 सालों से पाकिस्तान में रह रहा है इसलिए बेहतर यही है कि उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट मिल जाए।
'इस मामले में अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम ने भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया। अब वे विदेश मंत्री से इस मामले में संपर्क करेंगे।इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग ने ऐसे किसी मामले की जानकारी होने से इंकार किया है।