कांग्रेस और राजद के समर्थन से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर राज्य में नई सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया।
उन्होंने दावा किया है कि 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में उनके गठबंधन को 43 विधायकों का बहुमत हासिल है।
राज्यपाल सैयद अहमद से मिलने के बाद सोरेन ने कहा कि उन्होंने सरकार के गठन के लिए राज्यपाल को 43 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी है।
उन्होंने कहा, ‘राज्य में पिछले छह महीने से राष्ट्रपति शासन लागू है। हमने कांग्रेस, राजद और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बनाने की पहल की है।’
सोरेन को राज्यपाल ने मिलने के लिए शाम साढे़ पांच बजे का समय दिया था।
इस साल आठ जनवरी को भाजपा नीत सरकार से झामुमो द्वारा समर्थन खींच लेने के बाद राज्य में 18 जनवरी से राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।
सोमवार को झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा था कि उनकी पार्टी बहुमत के साथ राज्य में नवीं बार गठबंधन सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो, कांग्रेस और राजद के इस गठबंधन को मार्क्सवादी कोआर्डिनेशन कमेटी के विधायक अरूप चटर्जी, झारखंड अधिकार मंच के विधायक बंधु टिर्की के अलावा बिदेश सिंह, चामरा लिंडा व हरिनारायन राय समेत तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन पहले से ही हासिल है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी और निर्दलीय विधायक गीता कोड़ा ने भी मंगलवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की। झारखंड पार्टी विधायक एनोस एक्का ने कहा है कि उनकी पार्टी गठबंधन को अपना समर्थन तभी देगी, जब उनकी मांग को बनने वाली गठबंधन सरकार पूरा करने का भरोसा दे।