तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को बुधवार शाम को चक्रवाती तूफान ‘नीलम’ का सामना करना पड़ा। इससे तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। तूफान में फंसे जहाज ‘प्रतिभा कावेरी’ के एक क्रू सदस्य की मौत हो गई जबकि छह अन्य लापता हैं।
प्रसिद्ध पर्यटक स्थल महाबलीपुरम के पास भूस्खलन भी हुआ। चेन्नई के पास स्थित कलपक्कम परमाणु संयंत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया। तूफान के चलते तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक तूफान से 60 से 75 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है।
तूफान में चेन्नई के तट के पास प्रतिभा कावेरी जहाज फंस गया। इसमें 37 लोग सवार थे। इस पर सवार 22 कर्मचारियों को लेकर आ रही एक नौका डूब गई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाए गए लोगों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई। लापता छह लोगों की कोस्ट गार्ड और अन्य एजेंसियां तलाश कर रही हैं। वहीं पुडुचेरी में तूफान के दौरान एक व्यक्ति के समुद्र में डूबने से मौत हो गई।
नीलम तूफान शाम चार से पांच बजे चेन्नई के दक्षिण तट से गुजरा। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल महाबलीपुरम में तटीय इलाकों में रहने वाले 4000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। नीलम के चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई है। अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
तूफान के चलते कई हिस्सों में बिजली सप्लाई ठप हो गई है। तूफान के चलते 100 से अधिक पेड़ गिरे हैं। राज्य के तटीय इलाकों में शैक्षणिक संस्थान बृहस्पतिवार को भी बंद रहेंगे। दक्षिण रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें थाणे जैसे तूफान की उम्मीद नहीं है। इससे 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने के अलावा 40 लोगों की मौत हो गई थी।