बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक एवं प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी होने में दो साल का वक्त लग सकता है।
ऐसा इसलिए कि मामले की सुनवाई के लिए जो दस्तावेज कोर्ट में जमा हैं उसमें अधिकतर हिंदी या उर्दू में हैं। इसका तर्जुमा (अनुवाद) अंग्रेजी भाषा में हुए बिना सुनवाई संभव ही नहीं है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बगैर वहां सरकार एक ईंट भी नहीं रख सकती। उन्होंने पत्रकारों से ये बातें एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के नाम पर भाजपा के नेता जो बयान देते हैं वह सिर्फ सियासी फायदे के लिए होता है। वैसे इस सच्चाई से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा खुद नहीं चाहती कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो।