स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि संजीव चतुर्वेदी को दूसरा कार्य सौंपने में कुछ गलत नहीं है।
उन्होंने सुशासन के लिए पारदर्शिता की बात को दोहराते हुए कहा कि भारतीय वन सेवा के अधिकारी चतुर्वेदी की नई कार्य भूमिका को तय करने का सरकार का फैसला गलत नहीं है।
हर्षवर्धन ने कहा कि संजीव चतुर्वेदी का न तो तबादला किया गया है और न ही उन्हें छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है।
भाजपा के नेता जेपी नड्डा या अन्य लोगों के जरिए उन पर लगाए गए आरोपों का उन्हें नया कार्य सौंपने से कोई लेनादेना नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चतुर्वेदी अब भी एम्स के अवर सचिव बने हुए हैं।
हालांकि उन्होंने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए जरूर कहा है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने पिछली सरकार के ध्यान में 20 जुलाई 2012 को इस बात को रखा था कि एम्स के सीवीओ के तौर पर चतुर्वेदी की नियुक्ति उनकी मंजूरी के बिना की गई है।
इस नियुक्ति के पहले आयोग की मंजूरी जरूरी है। मगर इसके बावजूद पिछली सरकार ने इन पत्रों पर गौर नहीं किया। इस तरह की अनदेखी के कारण का पता नहीं चल रहा है।