दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मणिपुर के प्रतिबंधित आतंकी संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी-एमसी) के कमांडर-इन-चीफ को गिरफ्तार किया है। आरोपी इस संगठन का वित्तीय सचिव भी है। इसकी गिरफ्तारी के बाद मणिपुर पुलिस ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो अधिकारियों को सकुशल मुक्त करा लिया है। आरोपी आगरा में छिपकर रह रहा था और वहां अपना आधार बनाने के अलावा रंगदारी व अपहरण की वारदातों में लिप्त था।
दिल्ली पुलिस के आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि निंगथोजाम रोमेन सिंह उर्फ आरके उर्फ रॉकी उर्फ नोंगड्रेंकमोम्बा को गिरफ्तार किया गया है। वह मणिपुर के बिष्णूपुर का रहने वाला है। मणिपुर पुलिस के आग्रह पर स्पेशल सेल की टीम इस आतंकी के पीछे लगी हुई थी।
टीम ने इसे सराय काले खां बस अड्डे से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। वह यहां किसी से मिलने आया था। इसके कब्जे से पांच मोबाइल, विभिन्न राज्यों के 16 सिमकार्ड, दो पेन ड्राइव, लैपटॉप और जबरन वसूली के लिए 15 डिमांड लेटर बरामद किए गए हैं। तीस हजारी अदालत ने तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड पर रोमेन को इंफाल पुलिस को सौंप दिया है। दिल्ली पुलिस ने रोमेन को तीस हजारी स्थित सीएमएम कोर्ट में पेश किया।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
इंफाल रेंज एक के डीआईजी को 26 अक्तूबर को सूचना मिली थी कि रोमेन मणिपुर से बाहर आतंकी गतिविधियां चला रहा है। उसने दिल्ली या यूपी में शरण ले रखी है। मणिपुर पुलिस की सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने आगरा में मुखबिर तैयार किए। स्पेशल सेल ने 31 अक्तूबर को आगरा में दबिश दी थी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह अपनी पत्नी व बच्चे के साथ बस से दिल्ली रवाना हो गया। पुलिस ने सराय काले खां बस अड्डे पर एक नवंबर की सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगरा से रंगदारी के लिए करता था फोन
विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि जमानत मिलने के बाद जब रोमेन पर मणिपुर पुलिस का दबाव बढ़ने लगा तो वह नेपाल चला गया। वह नेपाल से भी रंगदारी के लिए फोन करता था। दिसंबर, 2011 में इसने अपना बेस गोवा में बनाया। मई-जून, 2012 में वह आगरा चला गया। तब से आगरा में रह रहा था और वहीं से रंगदारी और अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह ज्यादातर बड़े व्यवसायियों, अधिकारियों और महिलाओं का अपहरण कर रंगदारी वसूलता था।
आरोपी पर 18 आपराधिक मामले
दिल्ली पुलिस के अनुसार रोमेन के खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी मामले मणिपुर के हैं। अगर कोई रंगदारी देने से मना करता था तो उसके घर ग्रेेनेड फेंक कर धमाका किया जाता था। आगरा में रहकर इसने कई लोगों का अपहरण करवाया।