दुश्मनों को फंसाने के लिए जेल में बंद एक युवक ने अपने जीजा की मदद से अपने भाई का ही कत्ल करा दिया।
सोची-समझी साजिश के तहत चार विरोधियों को आरोपी बना दिया गया और पुलिस ने भी उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बाद में जब एसएसपी ने नए सिरे से मामले की जांच कराई तो पूरी साजिश का पता चला।
इस युवक ने एक लाख रुपये की सुपारी देकर अपने ही भाई का कत्ल करा दिया था। पुलिस ने एक आरोपी की निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल होने वाली पिस्तौल और बाइक बरामद कर ली है।
छपार के खोजा नंगला निवासी नदीम की 13 मई 2012 शाहपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नदीम का भाई कलीम, माता, पिता, तीन भाई और दो महिलाएं मासूम महविश की हत्या के मामले में 2011 से जेल में बंद हैं। मृतक नदीम के जीजा शहनाज ने नदीम की हत्या में महविश पक्ष के मोमिन, तौकीर, कामिल और परवेज को नामजद कराया था।
पुलिस ने जेल भेजने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया। नए तथ्यों के आधार पर एसएसपी मंजिल सैनी ने एसपी देहात कल्पना सक्सेना के निर्देशन में क्राइम ब्रांच को नदीम हत्याकांड की दोबारा जांच करने को कहा था।
एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक जेल में बंद नदीम के भाई कलीम ने अपने जीजा के अलावा खुड्डा के सजायाफ्ता बंदी उम्मेद की मदद से हत्या की साजिश रची थी। एक लाख की सुपारी देकर प्रभात और सतीश से यह हत्या कराई थी। बाद में प्रभात पुराने मामले में जेल चला गया था।
जेल में बंद प्रभात को रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और तमंचा भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट में नए आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र देने के साथ पहले आरोपियों को दोषमुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।