कोर्ट को गुमराह करने के मामले में दस दिन की सजा पाए बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट ने थोड़ी राहत दे दी है। हाईकोर्ट ने राजपाल को मिली सजा को फिलहाल निलंबित कर दिया है।
राजपाल ने हाईकोर्ट की ही एकल पीठ की तरफ से सुनाई गए सजा के खिलाफ अपील की थी। एक बिजनेसमैन ने बकाया रकम की वसूली का मामला दायर किया था, जिसमें कोर्ट ने राजपाल यादव को दस दिन की जेल की सजा सुनाई थी।
42 साल के राजपाल ने तीन दिन जेल में काटे हैं। 6 दिसंबर को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने राजपाल की सजा को निलंबित किया था ताकि वह इसके खिलाफ मंगलवार तक वैधानिक अपील दायर कर सकें।
राजपाल की अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी डी अहमद और विभु बखरु की पीठ ने दिल्ली स्थित कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी कर 22 जनवरी 2014 तक जवाब देने को कहा है।
पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि अगले आदेश तक सजा को निलंबित कर दिया गया है। जज ने एकल पीठ के उस आदेश में भी ढील दी है जिसमें राजपाल को दिल्ली या देश छोड़कर जाने की मनाही थी।
पीठ ने राजपाल के वकील की इस दलील को स्वीकार किया कि उन्होंने अपना पासपोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल (आरजी) को सौंप दिया है इसलिए दिल्ली या देश न छोड़ने की शर्त का कोई मतलब नहीं रह जाता।
पीठ ने कहा, 'राजपाल यादव भारत के अंदर अपने प्रोजेक्ट्स को पूरे कर सकते हैं। हालांकि वह देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।'