हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी की मानहानि मामले में नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी सहित भाजपा संसदीय बोर्ड के 12 सदस्यों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार हिमानी मल्होत्रा ने सभी सदस्यों को 30 जनवरी तक पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
याची जेठमलानी ने मोदी व वाजपेयी को अनौपचारिक तौर पर पक्ष बनाया है। उनका कहना है कि निष्कासन संबंधी फैसला लेने वाली बैठक में वाजपेयी मौजूद नहीं थे, जबकि मोदी बोर्ड सदस्य नहीं थे। अत: इन दोनों सदस्यों से वे मुआवजा नहीं लेंगे।
याचिका में जेठमलानी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए श्रेष्ठ बताया था जबकि कई अन्य नेता इस लाइन में थे। इसी कारण उन्हें पार्टी से निकाला गया।
जेठमलानी ने अदालत से आग्रह किया है कि उनके निष्कासन संबंधी फैसले को रद किया जाए व उन्हें मानहानि के रूप में इन सदस्यों से 50 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाया जाए।
अदालत ने मोदी, वाजपेयी, आडवाणी के अलावा राजनाथ सिंह, मुरली मनोहर जोशी, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, अनंत कुमार, एम. वेंकैया नायडू, रामलाल व थावर चंद गहलोत को नोटिस जारी किया है।